Author: *वीरेन्द्र परमार

पुस्तक समीक्षा

रमला बहू : भारतीय नारी की अश्रु गाथा

यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवताः I     यत्रैतास्तु न पूज्यंते सर्वास्तत्राफला:क्रियाः II अर्थात जहाँ नारियों का सम्मान होता है

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पुस्तक समीक्षा

साहित्य की सड़ांध को उजागर करनेवाला उपन्यास

हिंदी साहित्य का आसमान कुटिल साहित्यकारों, पक्षपाती आलोचकों और मूर्ख संपादकों से गंधित है I जिन साहित्यकारों से सहृदय होने

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पुस्तक समीक्षा

आदिवासी समाज और साहित्य चिंतन : साहित्य की विविध विधाओं की अभिव्यक्ति

डॉ जनक सिंह मीना और डॉ कुलदीप सिंह मीना के संपादन में सद्यःप्रकाशित पुस्तक ‘आदिवासी समाज और साहित्य चिंतन’ में

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