Author: *वीरेन्द्र परमार

पुस्तक समीक्षा

ब्रह्मपुत्र से सांगपो : एक सफरनामा

नैसर्गिक सौंदर्य, सदाबहार घाटी, वनाच्‍छादित पर्वत, बहुरंगी संस्‍कृति, समृद्ध विरासत, बहुजातीय समाज, भाषायी वैविध्‍य एवं नयनाभिराम वन्‍य-प्राणियों के कारण देश

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पुस्तक समीक्षा

‘मुझे सब याद है’ में समरसता का संदेश

लोकजीवन से खाद–पानी, रस–राग और मिट्टी की सोंधी गंध ग्रहण कर अपनी कथाकृतियों को आकार देनेवाले हिंदी के वरिष्ठ कथाकार

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पुस्तक समीक्षा

असम में हिंदी के विकास में हिंदीभाषियों का योगदान:लेखक के समर्पण का साक्षी

महाभारत में असम का उल्लेख प्रागज्योतिषपुर के रूप में मिलता है। कालिका पुराण में भी कामरूप–प्रागज्योतिषपुर का वर्णन मिलता है।

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

पूर्वोत्तर भारत का सांस्कृतिक वैभव

पूर्वोत्तर भारत अनेक धर्मों, जातियों, सभ्यताओं और संस्कृतियों का संगम स्थल है I पूर्वोत्तर की कुछ ऐसी विशेषताएँ हैं जो

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