शर्मा जी ने कुत्ता पाला
इस युग में हर कोई कुछ न कुछ पालता है I कोई कुत्ता पालता है, कोई बिल्ली पालता है, कुछ
Read Moreइस युग में हर कोई कुछ न कुछ पालता है I कोई कुत्ता पालता है, कोई बिल्ली पालता है, कुछ
Read Moreतेल लगाना एक ललित कला है. यदि आलोचकों ने इसे ललित कला में शामिल नहीं किया है तो भी यह
Read Moreशेरपा समुदाय तिब्बती मूल के हैं I तिब्बती भाषा में ‘शेरपा’ का अर्थ “पूर्वी मनुष्य” है I नेपाल में शेरपा
Read Moreनेवार समुदाय मूल रूप से नेपाल के काठमांडू के निवासी थे I नेपाल शब्द के आधार पर नेवार शब्द की
Read Moreसिक्किम में लेपचा और भूटिया समुदाय के बाद नेपाली लोगों का आगमन हुआ। अंग्रेजों के आगमन के बाद उन्नीसवी शताब्दी
Read Moreभूटिया तिब्बती मूल के हैं। इन्हें ‘भोटिया’ भी कहा जाता है I इनका मूल निवास स्थान ‘भोट’ (तिब्बत) होने के
Read Moreसिक्किम में कंचनजंघा के निकट लेपचा समुदाय का निवास है I इन्हें ‘रोंग’ अथवा ‘मोन-पा’ भी कहा जाता है I
Read Moreसुलुंग अथवा सुलू अरुणाचल की एक महत्वपूर्ण आखेटक और खाद्य संग्राहक जनजाति है। ईस्ट कामेंग और कुरुंगकुमे जिले में इनकी
Read Moreअरुणाचल के अपर सुबनसिरी और वेस्ट सियांग जिले तागिन जनजाति के निवास क्षेत्र हैं। श्री सचिन राय ने अपनी पुस्तक
Read Moreअरुणाचल के लोअर सुबनसिरी और अपर सुबनसिरी जिले में हिलमीरी जनजाति का निवास है। श्री ई॰ टी॰ डाल्टन की मान्यता
Read More