गढ़ी छोर : लोक संस्कृति का प्रतिबिंब
हिंदी के वरिष्ठ कथाकार जयराम सिंह गौर आम जनजीवन से रूप, रस, गंध और प्रेरणा लेकर अपनी कथाकृतियों को आकार
Read Moreहिंदी के वरिष्ठ कथाकार जयराम सिंह गौर आम जनजीवन से रूप, रस, गंध और प्रेरणा लेकर अपनी कथाकृतियों को आकार
Read Moreजिस दिन पार्थ चटर्जी के घर से करोड़ों रुपए बरामद हुए उस दिन से मेरे घर में महाभारत छिड़ा हुआ
Read Moreसूचना क्रांति के इस युग में भी पूर्वोत्तर भारत और शेष भारत के बीच अपरिचय का हिमालय यथावत खड़ा है
Read Moreभारत भूमि का एक टुकड़ा मात्र नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों की ज्ञान परंपरा है, वसुधैव कुटुम्बकम का उद्घोष
Read Moreकाल की गति बहुत निर्मम होती है, उसकी समरस चक्की सबको पीसती चलती है I समय सबसे बड़ा गुरु, न्यायाधीश
Read Moreमहाभारत में असम का उल्लेख प्रागज्योतिषपुर के रूप में मिलता है। कालिका पुराण में भी कामरूप–प्रागज्योतिषपुर का वर्णन मिलता है।
Read Moreपूर्वोत्तर भारत अनेक धर्मों, जातियों, सभ्यताओं और संस्कृतियों का संगम स्थल है I पूर्वोत्तर की कुछ ऐसी विशेषताएँ हैं जो
Read Moreइस युग में हर कोई कुछ न कुछ पालता है I कोई कुत्ता पालता है, कोई बिल्ली पालता है, कुछ
Read Moreतेल लगाना एक ललित कला है. यदि आलोचकों ने इसे ललित कला में शामिल नहीं किया है तो भी यह
Read Moreशेरपा समुदाय तिब्बती मूल के हैं I तिब्बती भाषा में ‘शेरपा’ का अर्थ “पूर्वी मनुष्य” है I नेपाल में शेरपा
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