मिजोरम : आदिवासी और लोक साहित्य
डॉ जगन्नाथ पंडित डॉ वीरेंद्र परमार का लेखन मूलत हिंदी भाषा और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के आदिवासी समुदाय, उनकी
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Read Moreरूपसिंह चन्देल पर्यटन आज विश्व के सबसे तेजी से विकसित होने वाले उद्योगों में से एक है. दुनिया के अनेक
Read Moreरूपसिंह चन्देल वीरेन्द्र परमार बहु-विधा रचनाकार हैं. उत्तर-पूर्व भारत पर अब तक उनकी चौबीस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं I
Read Moreअपने संघर्ष, समर्पण और प्रतिभा के बल पर हिंदी फिल्मों में खलनायकी के पर्याय बन चुके महान अभिनेता अमरीश पुरी
Read Moreआधुनिकता की आँधी और स्वार्थ रूपी दानव ने सभी मानवीय व सामाजिक मूल्यों को तहस-नहस कर दिया है I मानव
Read Moreअंग्रेजों ने भारत पर शासन करने के लिए नौकरशाही का एक तंत्र विकसित किया था I यहाँ के लोगों को
Read More‘जीवन जैसा जिया’ पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की आत्मकथा है I यह आत्मकथा दस अध्यायों में विभक्त है I चंद्रशेखर जी
Read Moreप्रबंधन कौशल और धन बल से अनेक लोग साहित्य के आकाश में ध्रुवतारे की तरह चमकने लगते हैं जबकि उनका
Read Moreतन समर्पित मन समर्पित और यह जीवन समर्पित चाहता हूँ देश की धरती तुझे कुछ और भी दूं I (रामावतार
Read Moreअसम पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा प्रदेश है I यह प्रदेश अनेक संस्कृतियों का संगम है I श्रीमंत शंकरदेव की इस
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