Author: *डॉ. विजय गर्ग

शिक्षा एवं व्यवसाय

भारतीय ज्ञान परंपरा और विज्ञान शिक्षा

भारत की ज्ञान परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है। यहाँ शिक्षा केवल जीविका कमाने का माध्यम नहीं थी, बल्कि जीवन को

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सामाजिक

विवाह के पंडाल में किताबों की प्रदर्शनी: एक नई और सराहनीय पहल

भारतीय विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि संस्कृतियों, परिवारों और मूल्यों का उत्सव होता है। बदलते समय के

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विज्ञान

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बहुत खतरा है 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) दुनिया को अभूतपूर्व गति से बदल रही है। वॉयस असिस्टेंट और सिफारिश प्रणालियों से लेकर चिकित्सा निदान

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सामाजिक

बाल पत्रिकाओं द्वारा बचपन की नींव को मजबूत किया जा सकता है

बचपन जीवन का सबसे रचनात्मक चरण है। इन प्रारंभिक वर्षों के दौरान विकसित की गई आदतें, मूल्य, कल्पना और बौद्धिक

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स्वास्थ्य

प्रकृति, धन और स्वास्थ्य: एक संतुलित दृष्टिकोण 

आधुनिक दुनिया में, मानव जीवन मुख्यतः दो शक्तिशाली शक्तियों – प्रकृति और धन के इर्द-गिर्द घूमता है। जबकि प्रकृति हमारे

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

ध्यान आपके मस्तिष्क की गतिविधि को नया रूप दे सकता है

ध्यान तनाव को कम करने और शांति बढ़ाने के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है, लेकिन नए तंत्रिका विज्ञान

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शिक्षा एवं व्यवसाय

जीवन भर साथ रहनेवाली पुस्तकें अमूल्य आभूषण हैं 

मनुष्य के जीवन में जो वस्तुएं सदैव बनी रहती हैं, उनमें पुस्तकों का स्थान सर्वोच्च है। पुस्तकें केवल कागज़ की

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