लगातार बारिश, बढ़ते खतरे और हमारी जिम्मेदारी
“बारिश केवल राहत नहीं, जिम्मेदारी की भी परीक्षा है — बिजली से सावधानी, घर में रहकर सुरक्षा और समाज में
Read More“बारिश केवल राहत नहीं, जिम्मेदारी की भी परीक्षा है — बिजली से सावधानी, घर में रहकर सुरक्षा और समाज में
Read Moreबढ़ती जन संख्या तथा विभिन्न पहलुयों द्वारा इस का दुरउपयोग पानी का स्तर कम कर रहा है। पानी का प्रयोग
Read Moreसमुद्र के बिगड़ते पारिस्थितिकी तंत्र की समस्या को लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिक आगाह करते रहे हैं। मगर मनुष्य के
Read Moreमनुष्य भौतिक लिप्साओं और आपाधापी की जिंदगी में प्रकृति में हो रहे सूक्ष्म परिवर्तनों को महसूस नहीं करता। साथ ही
Read Moreमहाराष्ट्र के पालघर में एक पालतू कौआ इंसान की बोली मराठी बोली में आई,बाबा जैसे वाक्यांश बोलता है।इसके अलावा वो मराठी भी समझता
Read Moreपिछले 20 सालों में दुनिया बदल गई है। इस तरक्की ने हमें ढेर सारी खुशियाँ दी हैं। तरह-तरह के साधन
Read Moreभारतीय दर्शन के अनुसार, मानव सभ्यता का विकास हिमालय और उसकी नदी घाटियों से माना जाता है। आज विकास के
Read More“अप्सु मे सोमोऽभूत्, अप्सु मे अग्निरभवत्।” (ऋग्वेद) अर्थात जल में ही सोम है, जल में ही अग्नि का वास है।
Read Moreभारत में पालतू कुत्तों की संख्या 2023 में लगभग 3.2 करोड़ आंकी गई, और यह हर साल 12-15% की दर
Read Moreबादलों की राह ताकते की कब बरसेंगे। किसान बोनी की फिक्र, पशुओं की हरी घास की चाहत। मेघ बरसे तो
Read More