मोदी के स्वस्थ भारत अभियान की तर्ज पर संघ चला रहा मधुमेह मुक्त अभियान

लखनऊ, 28 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत अभियान की तर्ज पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आर.एस.एस.) देशभर में मधुमेह मुक्त भारत अभियान चला रहा है। संघ के आनुषांगिक संगठन आरोग्य भारती द्वारा देश के सभी महानगरों में शिविर लगाकर मधुमेह से पीडि़त लोगों को योग के जरिए रोग से मुक्ति की युक्ति बताई जा रही है।
मधुमेह मुक्त भारत अभियान के प्रान्तीय संयोजक डॉ. अशोक दुबे ने बताया कि इन शिविरों में पंजीकरण करवाने वाले लोगों का न केवल उस दौरान बल्कि एक साल तक तीन-तीन महीने के अंतराल में चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा ताकि मधुमेह के उपचार में योग की भूमिका का विस्तृत स्तर पर अध्ययन करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि भारत में करीब छह करोड़ लोग मधुमेह से प्रभावित हैं और वर्ष 2030 तक इनकी संख्या बढ़कर 10.12 करोड़ होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि योग के उपचार में योगासन, संतुलित जीवनचर्या, भोजन संबंधित नियंत्रित आदतें शामिल हैं।
यह अभियान विवेकानन्द योग अनुसंधान संस्थान, पतंजलि, आरोग्य भारतीय एवं इंडियन योग एसोसिएशन के सहयोग से चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिविर में एक चिकित्सक, एक योग प्रशिक्षक, एक योग सहायक प्रशिक्षिक, स्वास्थ्य परीक्षण करने वाले प्रशिक्षित कर्मी और स्वयंसेवी सहयोग कर रहे हैं। शिविर प्रतिदिन दो घंटे चलते हैं। इनमें योगाभ्यास के अलावा चिकित्सकों एवं प्रशिक्षिकों द्वारा लोगों को परामर्श दिया जा रहा है। साथ ही वीडियो के जरिये उन्हें संतुलित जीवनचर्या एवं भोजन आदतों के बारे में सूचनाएं दी जाती हैं।
राजधानी लखनऊ के चार स्थानों पर आयोजित मधुमेह मुक्त भारत योग सप्ताह के अन्तर्गत लोगों को योग सिखाया जा रहा है। पतंजलि योगपीठ से जुड़े जितेन्द्र ने हिन्दुस्थान समाचार से बताया कि भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीमारी के बचाव के लिए लोगों को निरन्तर योग क्रियाएं अपनानी चाहिए। मीठे के रूप में शुगर फ्री का इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि मधुमेह से अनेक बीमारियां जन्म लेती हैं। इसका इलाज बहुत जरूरी होता है। इस योग शिविर में अनेक पुरूष व महिलाएं भाग ले रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/बृजनन्दन/पीएन.द्विवेदी

परिचय - बृज नन्दन यादव

संवाददाता, हिंदुस्थान समाचार