महबूब के दर तक

रूखसार पर मुहब्बत का नूर
ओठों पर इश्क सा तबस्सुम
बहुत नज़ाकत से हौले हौले बढ रहे
तेरे पाँव उल्फत के इन राहों पर
लगता है ये रास्ते तेरे
महबूब के दर तक जाते है
अमित कु.अम्बष्ट ” आमिली “

परिचय - अमित कु. अम्बष्ट 'आमिली'

नाम – अमित कु. अम्बष्ट “आमिली” योग्यता – बी.एस. सी. (ऑनर्स) , एम . बी. ए. (सेल्स एंड मार्केटिंग) राष्ट्रीयता – भारतीय सम्प्रति- प्रबंधक (पूर्व क्षेत्र) - एच. ओ. ई सी. बारढाल इंडिया लि. एवम् स्वतंत्र लेखन उपलब्धियाँ- विभिन्न पत्र और पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित www.kavyasagar.com द्वारा आयोजित बेटी शीर्षक कविता प्रतियोगिता , 2015 में उत्कृष्ट रचना का प्रमाण पत्र एवम साझा संकलन ई - बुक में कविता प्रकाशित राष्ट्र किंकर , नयी दिल्ली, साप्ताहिक समाचार पत्र द्वारा दिनांक 10/01/16 को “ महाराणा प्रताप सम्मान से अलंकृत स्थायी पता – एस. डी .ओ रोड हाजीपुर (वैशाली), बिहार-844101 सम्पर्क सूत्र – लस्करपुर, पूर्वापारा , प्रतापगढ बी.डी. मेमोरिअल स्कूल के नजदीक कोलकाता -700153 Email- writeramitambashtha@gmail.com मो. 09831199413