कविता- बस जी लूँ जरा

प्यार कभी नही मरता….
बस सांसे साथ छोड़ देती है,
वरना हमे उनसे साथ मोहब्बत कितनी
ये एक रोज उनको बता देती मैं
कभी खत्म न होती मोहब्बत हमारी
हर रोज एक नई दास्तान लिखती मैं
तुमको रोज पढ़ती उस किताब के जैसे
तुमसे मिलती एक खत्म न होने वाली मुलाकात की तरह,
रोज नए किस्से लिखते मोहब्बत के खातिर,
और हर रोज तुम्हारी तसवीर बनाती
कभी तुम जो कहते कि रूठ जाओगे
तो हम हाथों को थाम कर तुम्हारे
मना ही लेते है, कुछ रूठना लिखती तुम्हारा
हर रोज नई बाते करते ,हर रोज संवरती मैं
बस अब ये सब ख्वाब सा लगता है
बस खुद को यूँ मायूसी की नज़रों से देखना है
मगर फितरत नही की बदल जाएंगे हम
अगर सोचते हो कि हम भूल जायेगे तुम्हे
तो सिर्फ वहम है मेरे सनम।।

परिचय - उपासना पाण्डेय

पूर्ण नाम : आकांक्षा पाण्डेय साहित्यिक नाम ; उपासना पाण्डेय जन्मतिथि : 21दिसम्बर 1991 वर्तमान पता: ट्रांजिस्ट हॉस्टल के पीछे आजाद नगर हरदोई शहर : हरदोई जिला: हरदोई राज्य : उत्तर प्रदेश विधा: पद्य (श्रृंगार रस ,रचनाये) गद्य( लघुकथाएं, सामाजिक लेख, कहानियां) ब्लॉग-Upasnamerasafr.blogspot.in