” सारंगी के सुर लागे हैं ” !!

 

अँखियों में फिर आस जगी है ,
हँसकर मनवा करे ठगी है !
आस ले रही आज हिलोरें ,
हलचल जानो खूब मची है !
जागी पीर सुरों से ऐसी ,
सपनों के फेरे लागे हैं !!

टूट टूट कर बिखरे हैं हम ,
उम्मीदों पर ठहरे हैं हम !
मौसम की गलबहियों से क्या ,
घाव मिले जो सहते हैं हम !
तेरे आने के सन्देशे ,
खुशियों के भी पर लागे हैं !!

तेरा आना महकी कलियां ,
सूनी ना लागे हैं गलियां !
गमक गये हैं सारे अरमां ,
खूब मनेगी अब रंगरलियां !
करवट बदले भाव चितेरे ,
लगते पलपल अब जागे हैं !!

परिचय - भगवती प्रसाद व्यास 'नीरद'

1. रचनाकार का पूरा नाम भगवती प्रसाद व्यास “नीरद” 2.पिता का नाम स्व. श्री शंकर लाल जी व्यास 3. माता का नाम स्व. श्रीमती सरयू देवी व्यास 4.पत्नी का नाम कुमुद व्यास 5.वर्तमान पता बी.पी.व्यास द्वारा सौरभ व्यास , फ्लेट नंबर A-6 , खसरा नंबर 129 , फ्रायडे मार्किट लेन , कारपोरशन बैंक के सामने वाले गली , इगनू रोड , नेब सराय ,न्यू देल्ही - 110068 6.स्थायी पता 16/29, राठी मोटर्स के सामने ,खाद गोदाम के पीछे ,ए .बी .रोड , शाजापुर , मध्य प्रदेश 465001 7.फोन नंबर / वाट्स अप नंबर / ई मेल Mobile no. 9599244737 WhatsApp no. 9425428598 mail id : bpvyasbrij@gmail.com 8.जन्म तिथि / जन्म स्थान 08/05/1954 तराना , जिला : उज्जैन , मध्य प्रदेश 9.शिक्षा / व्यवसाय एम .काम . एल एल बी . स्वतंत्र लेखन ! अर्धशासकीय संस्थान से सहा. लेखाधिकारी पद से सेवानिवृति ! 10.प्रकाशन विवरण (प्रकाशित रचनाओं का ) सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी में वर्ष 1978 से 1988 तक ! 2016 में “भारत के प्रतिभाशाली हिंदी रचनाकार काव्य संग्रह” तथा “प्रेम काव्य सागर” एवं “काव्य अमृत” साझा काव्य संग्रह में भी रचनाओं का प्रकाशन ! जे एम डी पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित ! वर्ष 2017 में “एक लम्हा ज़िंदगी” और “रूह की आवाज “तथा “खनक आखर की” , “ कश्ती में चाँद “ आदि साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! के. जी . पब्लिकेशन मेरठ द्वारा प्रकाशित !! “ कहीं धूप कहीं छाँव “ तथा “ दस्तक समय की “ E काव्य संग्रह प्रकाशित ! www. Kavysagar.com द्वारा ! 11.सम्मान का विवरण (यदि कोई हो तो दें ) प्रतिभाशाली रचनाकार सम्मान , प्रेम काव्य सागर सम्मान तथा काव्य अमृत सम्मान 2016 में ! साहित्य सारथि सम्मान 2017 में ! 12.काव्य मंच /आकाशवाणी /दूरदर्शन /मंच पर यदि काव्य पाठ किया हो 1972 से 1976 तक आकाशवाणी इंदौर के युव वाणी कार्यक्रम में कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण! इसी दौरान स्थानीय कवि सम्मेलनों में काव्य पाठ 1974 से 1978 तक !