देश तेरी शान ( गीत )

देश तेरी शान , देश तेरी शान हमको जान से भी प्यारा है ..…देश तेरी शान
देश तेरी शान हमको जान से भी प्यारा है ,
तू जग में सबसे न्यारा है …देश तेरी शान ….
हिन्दू भी रहते हैं , मुस्लिम भी रहते हैं , रहते हैं मिलके सारे हो  $$$$
शांती है सुख है , कोई नहीं दुःख है , हैं जागे भाग्य हमारे हो $$$$$
प्यार से हमने ……
प्यार से हमने सदा इस बाग़ को सँवारा है
तू जग में सबसे न्यारा है …देश तेरी शान …..
होली मनाते हैं , ईद भी मनाते हैं , बढ़ता है भाईचारा  हो $$
मंदिर भले जाएँ , मस्जिद और गिरजे,  से नहीं है वैर हमारा हो $$$$$
इंसानियत ही तो…..
इंसानियत ही धर्म बड़ा , इंसानियत ही प्यारा है
तू जग में सबसे न्यारा है …देश तेरी शान ……
सरताज हिमालय है , हिंद पाँव है धोता , पश्चिम से पूर्व हैं बाँहें हो $$$$$
फिर हो जनम मेरा , होऊँ यहीं पैदा , मेरा हर रोम ये चाहें हो $$$
खाना अलग हो या ,फिर हो अलग बोली , पर एक है सबकी राहें हो $$
उस राह पे चलकर …
उस राह पे चलकर दिल में पैगाम ये उतारा है
अमन ही अब तो नारा है …
देश तेरी शान …..देश तेरी शान हमको जान से भी प्यारा है ..
तू जग में सबसे न्यारा है , देश तेरी शान ….
गंगा यहाँ बहती , यमुना भी है बहती , बहती हैं और भी नदियाँ  हो $$$
दिल्ली में दिल बसता , काशी भी पावन है , हैं बीती कितनी ही सदियाँ हो $$$%
पाँव को जिसके ……
पाँव को जिसके सागर ए हिंद ने पखारा है
तू जग में सबसे न्यारा है  …..
देश तेरी शान ..देश तेरी शान हमको जान से भी प्यारा है  , देश तेरी शान ….!
( तर्ज — एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है , एक तेरा साथ ……)

परिचय - राजकुमार कांदु

मुंबई के नजदीक मेरी रिहाइश । लेखन मेरे अंतर्मन की फरमाइश ।