जाओ पहले आप सुधर लो

बेटा टाॅफी मत खा
दाँत गल जाएंगे
झड़ जाएंगे
सड़ जाएंगे
दर्द होगा
कीड़ा लग जाएगा
मुझे भी दुख होगा।
बेटा तिलमिलाया बोला,
अंकल आप ठीक कहते हो
मुझे शिक्षा देते हो
मगर भूल जाते हो
आप गुटखा, तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट हजम कर जाते हो
जुए को भी गले लगाते हो
जाओ पहले आप सुधर लो
मैं खुद सुधर जाउँगा।

परिचय - अशोक बाबू माहौर

जन्म -10 /01 /1985 साहित्य लेखन -हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं में संलग्न प्रकाशित साहित्य-विभिन्न पत्रिकाओं जैसे -स्वर्गविभा ,अनहदकृति ,सहित्यकुंज ,हिंदीकुंज ,साहित्य शिल्पी ,पुरवाई ,रचनाकार ,पूर्वाभास,वेबदुनिया आदि पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित I साहित्य सम्मान -इ पत्रिका अनहदकृति की ओर से विशेष मान्यता सम्मान २०१४-१५ से अलंकृति I अभिरुचि -साहित्य लेखन ,किताबें पढ़ना संपर्क-ग्राम-कदमन का पुरा, तहसील-अम्बाह ,जिला-मुरैना (म.प्र.)476111 ईमेल- ashokbabu.mahour@gmail.com 9584414669 ,8802706980