कविता

कविता-अपेक्षाएँ

हाय इतनी अपेक्षाएँ, एक नन्ही जिंदगी,
किस अपेक्षा पर खरा उतरूँ ?

मित्रों की कुछ अपेक्षाएँ,
चाहतें कुछ प्रेमिका की,
कुछ मेरे दायित्व हैं –
माँ बाप के प्रति ।
देश का ऋण,
धर्म का ऋण,
जाति का ऋण,
कुछ मेरे दायित्व हैं-
संतान के प्रति ।
इतनी सारी बेदियाँ हैं, बलि की खातिर,
बता! किस पे कौन इच्छा बलि करूँ ?

दौड़ धन की ,
दौड़ यश की,
भूख की गति,
सफलता के अजनबी-
जटिल पथ हैं।
मील के पत्थर मिले बस,
मंजिले फिर कहाँ पर हैं ?
किसी ने पूछा नही-
सब दौड़ रत हैं ।
जिंदगी इस दौड़ मे-
मै भी हूँ शामिल,
देख! बचपन से आज तक गल रहा हूँ ।
जिस उमर से चलना सीखा चल रहा हूँ
तू बता विश्राम के कुछ बिन्दु मुझको,
थक गया हूँ, बहुत ज्यादा कहाँ ठहरूँ ।
हाय इतनी . अपेक्षाएँ…………………

— दिवाकर दत्त त्रिपाठी
मो -8840681440

परिचय - डॉ दिवाकर दत्त त्रिपाठी

नाम डॉ दिवाकर दत्त त्रिपाठी आत्मज श्रीमती पूनम देवी तथा श्री सन्तोषी . लाल त्रिपाठी जन्मतिथि १६ जनवरी १९९१ जन्म स्थान हेमनापुर मरवट, बहराइच ,उ.प्र. शिक्षा. एम.बी.बी.एस. पता. रूम न. ,१७१/१ बालक छात्रावास मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद ,उ.प्र. प्रकाशित पुस्तक - तन्हाई (रुबाई संग्रह) उपाधियाँ एवं सम्मान - साहित्य भूषण (साहित्यिक सांस्कृतिक कला संगम अकादमी ,परियावाँ, प्रतापगढ़ ,उ. प्र.) शब्द श्री (शिव संकल्प साहित्य परिषद ,होशंगाबाद ,म.प्र.) श्री गुगनराम सिहाग स्मृति साहित्य सम्मान, भिवानी ,हरियाणा अगीत युवा स्वर सम्मान २०१४ अ.भा. अगीत परिषद ,लखनऊ पंडित राम नारायण त्रिपाठी पर्यटक स्मृति नवोदित साहित्यकार सम्मान २०१५, अ.भा.नवोदित साहित्यकार परिषद ,लखनऊ इसके अतिरिक्त अन्य साहित्यिक ,शैक्षणिक ,संस्थानों द्वारा समय समय पर सम्मान । पत्र पत्रिकाओं में निरंतर लेखन तथा काव्य गोष्ठियों एवं कवि सम्मेलनों मे निरंतर काव्यपाठ ।

Leave a Reply