पर्यावरण

बेजुबान पशु पक्षियों से मैत्री कर उनका कल्याण करना सबसे बड़ा धर्म

भोपाल – भारतीय संवेदनशीलता सदियों से जग प्रसिद्ध है। यह गुण भारत माता की मिट्टी में ही समाया हुआ है यह संवेदनशीलता का भाव केवल मानव जाति तक ही सीमित नहीं है अपितु भारतीय संवेदनशीलता बेजुबान पशु पक्षियों जानवरों के प्रति भी कूट-कूट कर भरी है। क्योंकि भारत आदि अनादि काल से ही एक आध्यात्मिकता […]

बोधकथा

मनुष्य  जन्म  का अर्थ 

एक दरिद्र ब्राह्मण यात्रा करते-करते किसी नगर से गुजर रहा था, बड़े-बड़े महल एवं अट्टालिकाओं को देखकर ब्राह्मण भिक्षा माँगने गया, किन्तु उस नगर मे किसी ने भी उसे दो मुट्ठी अन्न नहीं दिया। आखिर दोपहर हो गयी ,तो ब्राह्मण दुःखी होकर अपने भाग्य को कोसता हुआ जा रहा था, सोच रहा था “कैसा मेरा […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

हनुमान जी की कथा

श्रीराम हाथ जोड़कर अगस्त्य मुनि से बोले, “ऋषिवर! निःसन्देह वालि और रावण दोनों ही भारी बलवान थे, परन्तु मेरा विचार है कि हनुमान उन दोनों से अधिक बलवान हैं। इनमें शूरवीरता, बल, धैर्य, नीति, सद्गुण सभी उनसे अधिक हैं। यदि मुझे ये न मिलते तो भला क्या जानकी का पता लग सकता था? मेरे समझ […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

कैलाश पर्वत क्षेत्र पर एक माह में 2 वर्ष 6 माह की जिंदगी गुजर जाती है !

कैलाश मानसरोवर को भगवान शिव का निवास स्थल माना जाता है। कहा जाता है कि इस पर्वत पर भगवान शिव माता पार्वती के साथ विराजमान हैं। जो भी इस पर्वत पर आकर उनके दर्शन कर लेता है उसका जीवन पूरी तरह से सफल हो जाता है। इस पावन स्थल पर हर साल लाखों श्रद्धालु मन […]