राजनीति

पवार हुए पावरफुल और शाह को मिली मात

‘कुर्सी खतरे में है तो प्रजातंत्र खतरे में है। कुर्सी खतरे में है तो राज्य, देश एवं दुनिया खतरे में है। कुर्सी न बचे तो भाड़ में जाए प्रजातंत्र- राज्य, देश और दुनिया?’ राजनीति की नीति ऐसी बनती जाए। वचन जाए पर जाए कुर्सी न जाए।। आज राजनीति कि हालात यह हो गई है कि […]

पर्यावरण

सम-विषम योजना बढ़ते प्रदूषण का हल नहीं

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर सम-विषम योजना शुरू करने की बात कह कर दिल्ली जनता की परेशानियां बढ़ाने का निश्चय किया है। सम-विषम योजना 2016 में दो बार लागू की गई थी। लेकिन उस वक्त भी नतीजों को लेकर ही परस्पर विरोधी रिपोर्टें और […]

राजनीति

पर्रीकर थे ताजी हवा के झोंकों का अहसास

गोवा के मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर पैंक्रियाटिक कैंसर से एक वर्ष तक जूझने के बाद देह से विदेह हो जाना  न केवल गोवा बल्कि भाजपा एवं भारतीय राजनीति के लिए दुखद एवं गहरा आघात है। उनका असमय  निधन हो जाना सभी के लिए संसार की क्षणभंगुरता, नश्वरता, अनित्यता, अशाश्वता का बोधपाठ है। […]

कविता

नेताओं से आजादी बाकी है मेरे भाई

नेताओं से आजादी बाकी है मेरे भाई नेताजी कह रहे हैं- तू हिन्दू, तू मुस्लिम, तू सिख, तू ईसाई तो बताओ, तुम कैसे हुए भाई-भाई। भाईचारे के नाम पर भाई-भाई को आपस में लड़वाई अपनों को ही अपने से बैर करवाई अमन के नाम पर विष फैलाई। नेताओं का नहीं है कोई धर्म ईमान मेरे […]

राजनीति

समरकंद संवाद है आतंक के खिलाफ आवाज

उज्बेकिस्तान की राजधानी समरकंद में भारत, अफगानिस्तान और पांच मध्य एशियाई देशों ने एकजुट होकर आतंकवाद से निपटने का संकल्प लिया है। इन देशों में एवं दुनिया के अन्य हिस्सों में आतंकवाद जितना लम्बा चल रहा है, वह क्रोनिक होकर विश्व समुदाय की जीवनशैली का अंग बन गया है। इसमें ज्यादातर वे युवक हैं जो […]

राजनीति

2019 में मोदी मैजिक पर लग सकता है ब्रेक ?

पांच राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में जो चुनाव के परिणाम आये हैं, उसकी गूंज आने वाले 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी दिखायी देंगे। लोकतंत्र के इस मंदिर की चैखट पर विराजमान दृश्य कुछ ऐसा है जिसमें व्यवस्था की सफाई-धुलाई के कोई आसार नहीं है। हालात किसी एक पार्टी तक […]

कविता

राष्ट्रभाषा हिन्दी तेरी यही कहानी

हम भारत के लोग! देववाणी की भाषा ‘संस्कृत’ भूल चुके हैं राष्ट्रभाषा हिन्दी पर राजनीति जारी है इंसाफ की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीमकोर्ट में आज भी राष्ट्रभाषा में बहस बेमानी है इंसाफ की तराजू पर राष्ट्रभाषा हारी है हिन्दी दिवस और हिन्दी पखवाड़ा राष्ट्रभाषा के नाम पर सिर्फ निशानी है नारा हिन्दी के नाम पर […]

सामाजिक

गाड़ियों के अतिक्रमण से कब मिलेगी सड़कों को मुक्ति ?

हम बात सुव्यवस्थित शासन प्रणाली की बात करते हैं तो उसमें बहुत सारी बातें देखने को आती हैं जिसमें केवल सुधार शासन के स्तर पर नहीं की जा सकती, उनमें जनभागीदारी का बहुत बड़ा योगदान है। लेकिन सारी कुछ नियम कानून होने के बावजूद भी उसका परिणाम सतह पर नहीं दिखाई देता। चाहे हम कोई-सा […]

राजनीति

मर जवान! मर किसान! और अब मर नौजवान!

भारतीय जनता पार्टी ने 16 मई 2014 को दिन तीन साल पहले लोक सभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया था। जिसने बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों को चैंका दिया। यह तो सब मानते थे कि बीजेपी को बढ़त हासिल है, पर वह इतनी अधिक सीटें ले आएगी और कांग्रेस 50 की सीमा भी नहीं छू पाएगी, इसकी […]