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  • बचपन

    बचपन

    न हँसने की वज़ह थी,  न रोने का बहाना था।  सच में चंचल बचपन,   हर ग़म से बेगाना था।  गर्मी सर्दी हो बारिश हो,  घर में कहाँ ठिकाना था।  हर कोई उठा लेता गोद में,  सारा...