लघुकथा

लघुकथा – पाचन शक्ति

          तरबूज़ खाते-खाते निहारिका बार-बार दादी से तरबूज़ खाने का इसरार किए जा रही थी और दादी बार-बार खाने से इन्कार कर रही थी। तभी निहारिका की मांँ ने कहा, “रहने दे न बेटा। तुम्हें पता है इस उम्र में पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाती है।”           […]

लघुकथा

लघुकथा – बस्ती

जंगल में मशीनें धड़धड़ातीं, जंगल के बीच बसी बस्ती की झोंपड़ियाँ काँप जातीं, भूख दबे पाँव बस्ती की तरफ़ थोड़ा और बढ़ जाती। भूख जब बर्तनों के भीतर प्रवेश कर गई तो लिपी-पुती झोंपड़ियों में रहने वाले लोग रेलगाड़ी में बैठकर शहर की तरफ़ कूच कर गए। उनके साथ ही झोंपड़ियों, तालाबों और पेड़ों की […]