कविता

कविता

रिक्शे से है कमाई, रिक्शे से है गुजारा रहने को घर नहीं है, सारा जहाँ हमारा रिक्शा ही अपना घर है, रिक्शे पे हमसफर है खाने की पोटली है, पानी की बोटली है कपड़े भी साथ अपने, चादर भी साथ ली है बच्चे भी साथ अपने, भाई भी है हमारा हाँ खुद से खींचते हैं, […]

ब्लॉग/परिचर्चा लेख सामाजिक स्वास्थ्य

कोरोना का कहर और बचाव

अयोध्या में भगवान राम को राजगद्दी देने की पूरी तैयारी हो चुकी थी. भरत ननिहाल गए हुए थे. तभी कैकेयी की दासी मंथरा ने कैकेयी के कान भरने शुरू किए और कैकेयी न राजा दशरथ के वादे के अनुसार उनसे दो वर मांग लिए. एक – भरत को राजगद्दी और दूसरा – राम के लिए […]

सामाजिक

पूस की रात

पूस की रात प्रेमचंद की प्रमुख कहानियों में से एक है. प्रधान मंत्री मोदी ने पिछले दिनों अपने मन की बात में इस कहानी की चर्चा भी की थी. कम जोत वाले एक किसान की हालत क्या होती है, प्रेमचंद से बेहतर भला कौन जान सकता है. यह कहानी आजादी से पहले की है. तब […]

राजनीति

देश को बचाने की कवायद – हिंसा रोकें

पहले नोटबंदी लागू करो, फिर उसके फायदे गिनाओ. लोगों को लाइन में लगाओ, बेरोजगार बनाओ. छोटे-छोटे उद्योग धंधों को बंद करो. फिर उन्हें गलत साबित करो. उसी तरह पहले GST लागू करो. उसके फायदे बताओ. एक देश एक टैक्स! का प्रचार करो. उसमे सुधार पर सुधार करते जाओ. अर्थव्यवस्था का भट्ठा बैठता है तो बैठे, […]

ब्लॉग/परिचर्चा लेख सामाजिक

महिलाओं से होते दुष्कर्म और जघन्य हत्याएं

रांची के कांके में एक 25 वर्षीय लॉ कॉलेज की छात्रा अपने मित्र के साथ रिंग रोड किनारे बैठकर बातचीत कर रही थी। इसी दौरान आस-पास के कुछ अज्ञात युवकों ने जबरन उसके मित्र को रोककर छात्रा को बगल के ईंट भट्टे में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। कल झारखंड पुलिस ने इस जघन्य अपराध […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

न्यायालय का फैसला, करते सब स्वीकार. नहीं किसी की जीत है, नहीं किसी की हार!

९ नवम्बर २०१९ भारत के लिए ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाएगा. न्यायिक इतिहास में ऐसा ऐतिहासिक फैसला, जो देश को राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों को एकजुटता के सूत्र में पिरोयेगी. ऐसा फैसला जिसे सभी सम्प्रदाय, पथों और धर्मों के आम और ख़ास लोगों ने दिल से स्वीकार किया. पक्ष-विपक्ष, वादी-प्रतिवादी, आस्था […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म पर्यावरण ब्लॉग/परिचर्चा लेख

धनतेरस, दीपावली और छठ के त्योहार – सावधानी और बचाव

धनतेरस और दीपावली का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया गया. अनेक शहरों में करोड़ों की खरीददारी भी हुई. सोने, चांदी और हीरों के गहनों के अलावा  पीतल, स्टील, अल्युमिनियम आदि धातु के बर्तनों, घर के लिए उपयोगी सामानों के साथ-साथ दो पहिया और चौपहिया वाहनों की भी खूब बिक्री हुई. मंदी को मात […]

ब्लॉग/परिचर्चा समाचार

रवीश कुमार को रैमॉन मैग्सेसे पुरस्कार

५ दिसम्बर १९७४ को बिहार के मोतिहारी में जन्मे रवीश कुमार एक भारतीय टीवी एंकर, लेखक और पत्रकार हैं, जो भारतीय राजनीति और समाज से संबंधित विषयों को मुखरता के साथ जनता के सामने रखते हैं. रवीश एनडीटीवी समाचार नेटवर्क के हिंदी समाचार चैनल NDTV इण्डिया में वरिष्ठ कार्यकारी संपादक है, और चैनल के प्रमुख कार्यक्रमों जैसे […]

पर्यावरण ब्लॉग/परिचर्चा लेख सामाजिक

मानसून की देरी और वर्षा की कमी से परेशानी

हम सभी मित्रगण शाम को एक जगह मैदान में बैठे थे. यह एक कैंपस की खुली जगह है जहाँ छोटे बच्चे क्रिकेट भी खेल लेते हैं और दुर्गा पूजा के समय एक समारोह भी हो जाता है. एक दो बूँद झींसी गिर रही थी. बादल जमकर छाये थे पर वर्षा नहीं के बराबर हुई. बल्कि […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म पर्यावरण यात्रा वृत्तान्त लेख सामाजिक

मेघालय की राजधानी शिलॉंग – पर्यटन के लिए बेहतर

मेघालय यानी ‘मेघों का आलय’ ‘मेघों का घर’. जंगल और पहाड़ों के बीच बसा मेघालय बड़ा ही रमणीक है. गर्मी की छुट्टियों में सपरिवार वहां जाना और विभिन्न प्राकृतिक दृश्यों का अवलोकन करना स्वयं को आनंदित कर देता है. यहाँ के झरने, गुफाएं, घाटियाँ, पहाड़ों पर बने साफ़ सुथरे मकान, पर्वतों की ऊँचाइयाँ, मन को […]