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  • जिसका डर था वही हुआ – शर्मिष्ठा

    जिसका डर था वही हुआ – शर्मिष्ठा

    ढेर सारी आशंकाओं, अपेक्षाओं, आपत्ति और पूर्वाग्रहों के बावजूद आखिर पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी साहब ने नागपुर के संघ कार्यालय के आमंत्रण को स्वीकारते हुए, वहां पहुँच गए और उन्होंने वही कहा जो उन्हें कहना चाहिए...

  • चार साल बेमिशाल!

    चार साल बेमिशाल!

    रामचरित मानस में धनुष भंग के बाद लक्ष्मण-परसुराम संवाद बड़ा रोचक प्रसंग है जहाँ परशुराम लक्ष्मण को अपने बारे में बहुत कुछ बतलाने के बाद भी विश्वामित्र मुनि से कहते हैं –   कौसिक सुनहु मंद यहु...


  • बिनु सतसंग विवेक न होई!

    बिनु सतसंग विवेक न होई!

    श्री मोरारी बापू की रामकथा (मानस सत्संग) अपने विशिष्ट अंदाज में रामकथा का रसास्वादन करवाने वाले और देश-विदेश के लाखों लोगों को जीवनदर्शन का सही मार्ग बताने वाले संतश्री मोरारी बापू रामचरित मानस को सरल, सहज...

  • दुष्कर्म पर नया अध्यादेश

    दुष्कर्म पर नया अध्यादेश

    कठुआ समेत कई इलाकों में बच्चियों के साथ हुई दरिंदगी के बाद ऐसे आरोपियों को फांसी की सजा की मांग के लिए देश भर में आवाज उठाई गई. इसके बाद शनिवार(२१.०४.२०१८) को केंद्र सरकार ने 12...



  • राजनीति के बदलते स्वरुप

    राजनीति के बदलते स्वरुप

    राजनीतिक धारणाएं किस तेज़ी से बदलती हैं- इसका प्रमाण इसी मार्च महीने ने दिया. जब त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड जैसे छोटे-छोटे राज्यों के चुनावी नतीजे आए तो बीजेपी की अजेयता का मिथक जैसे और दृढ़ हो...