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  • राधा बावली है

    राधा बावली है

    किशन को देख राधा बाबली है पड़ी उसकी नजर जो सांवली है चली आती सुनी जो बाँसुरी धुन बनी श्यामा उसी की लाड़ली है चढ़े कदम्ब चुरा कर के वसन जब सहे सब गोपियाँ ये धाँधली...

  • हम नन्हें तरूवर

    हम नन्हें तरूवर

    हम नन्हें तरू है , हमसे है हरियाली मत काटो हमको , हमसे है हरियाली पादप काटोगे बढ़ जायेगी गर्मी हमको न जलाओ हमसे है हरियाली पी गये धरा का सब जल काट हमें तुम हमको...

  • करतार किसके लिए

    करतार किसके लिए

    इक नया जन्म करतार किसके लिए रोज खेलते है किरदार किसके लिए हो गया है जहाँ आज इतना निडर कब उठा दे वो हथियार किसके लिए बैंक का कर्ज लेकर चले जो गये भागते है वो...



  • आग मत लगाना

    आग मत लगाना

    आग घर में लगाना नहीं है उस धुएँ को बढ़ाना नहीं है एक बारे लगे जो दिलों में बस मुहब्बत घटाना नहीं है बँट गये आज अपने सदा को पास अब क्यों बुलाना नहीं है रोज...

  • नहीं पहुंचा

    नहीं पहुंचा

    यार पुचकार तक नहीं पहुंचा ज़ाम दीदार तक नहीं पहुंचा डूबना चाह इश्क के सागर धार मझधार तक नहीं पहुंचा झेलता ही रहा मुझे अब तक प्यार दुश्वार तक नहीं पहुंचा साथ वर्षो तलक रहा मेरे...

  • कहानी रहेगी

    कहानी रहेगी

    अधर पर कहानी रहेगी सभी को जुबानी रहेगी अज़ब खेल यह जिन्दगी कर सदा सत्य कहती रहेगी अख़म रूप को ज्यों मिटाये ढली ये जवानी रहेगी गुमाने न काया करे तू दिने एक मिट्टी रहेगी चली...

  • भरोसा छोड़िए

    भरोसा छोड़िए

    गैर पर करना भरोसा छोड़िये साथ अपनों का न रहना छोड़िये नेक नीयतें आपकी सबके लिए दोस्त से चुगली लगाना छोड़िये रूप तेरा तो निखरता ही रहे पर कभी पार्लर न जाना छोड़िंये यार की हर...

  • दे दो खाना

    दे दो खाना

    दे दो इन बच्चों को खाना न तरसने दो बिन मातपिता के है सारे न बिलखने दो रहते सब संकोंचों में कह न सके कुछ भी उनको दिलवा कर के शिक्षा सम्हलने दो ऊँचा उठने दो...