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  • मुक्तक

    मुक्तक

    आप ओझल नजर गए होते दूर हो हम बिखर गए होते याद तेरी कभी हमें आए साथ आपके कमर गए होते परिचय - डॉ मधु त्रिवेदी संक्षिप्त परिचय --------------------------- . पूरा नाम : डॉ मधु त्रिवेदी...

  • चाह पाने की

    चाह पाने की

    चाह पाने की ख्याली जाएगी अब पली आशा निकाली जाएगी हो न पूरे स्वप्न सबके यहाँ बिन मनी सारी दिवाली जाएगी नोट अपने ही न मिलते बैंक से ब्याह निपटाने दलाली जाएगी दूसरे की रौनकें है...

  • करो गर प्रार्थना

    करो गर प्रार्थना

    करो गर प्रार्थना क्यों जग तुम्हारा हो नहीं सकता इरादे नेक हो तो क्यों किनारा हो नही सकता दिये हो जख्म अपनों ने दुखाया हो कभी दिल तो कभी वो नर भरत का सा दुलारा हो...

  • राधा बावली है

    राधा बावली है

    किशन को देख राधा बाबली है पड़ी उसकी नजर जो सांवली है चली आती सुनी जो बाँसुरी धुन बनी श्यामा उसी की लाड़ली है चढ़े कदम्ब चुरा कर के वसन जब सहे सब गोपियाँ ये धाँधली...

  • हम नन्हें तरूवर

    हम नन्हें तरूवर

    हम नन्हें तरू है , हमसे है हरियाली मत काटो हमको , हमसे है हरियाली पादप काटोगे बढ़ जायेगी गर्मी हमको न जलाओ हमसे है हरियाली पी गये धरा का सब जल काट हमें तुम हमको...

  • करतार किसके लिए

    करतार किसके लिए

    इक नया जन्म करतार किसके लिए रोज खेलते है किरदार किसके लिए हो गया है जहाँ आज इतना निडर कब उठा दे वो हथियार किसके लिए बैंक का कर्ज लेकर चले जो गये भागते है वो...



  • आग मत लगाना

    आग मत लगाना

    आग घर में लगाना नहीं है उस धुएँ को बढ़ाना नहीं है एक बारे लगे जो दिलों में बस मुहब्बत घटाना नहीं है बँट गये आज अपने सदा को पास अब क्यों बुलाना नहीं है रोज...

  • नहीं पहुंचा

    नहीं पहुंचा

    यार पुचकार तक नहीं पहुंचा ज़ाम दीदार तक नहीं पहुंचा डूबना चाह इश्क के सागर धार मझधार तक नहीं पहुंचा झेलता ही रहा मुझे अब तक प्यार दुश्वार तक नहीं पहुंचा साथ वर्षो तलक रहा मेरे...