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  • गीत

    गीत

    घुस पाक सरहद में गए थे शेर हिन्दुस्तान के। कर स्वप्न चकनाचूर आए नीच पकिस्तान के।। जो फन उठाए नाग उसका फन कुचलना चाहिए। हर वक्त छाती पर नहीं यूँ मूँग दलना चाहिए। है सार गीता...

  • चतुष्पदी

    चतुष्पदी

    भूल शहादत जाए वीरों की दो दिन में, घोटालों पर नियमित चर्चाएँ होती हैं। आँख दबाना न्यूज सुनो जी ब्रेकिंग हुई, ध्यान कहाँ जाता जब बेचारी रोती हैं। — पीयूष कुमार द्विवेदी ‘पूतू’   परिचय -...



  • कुंडलियाँ छंद

    कुंडलियाँ छंद

    अपना भारत देश जो,लगे सुरक्षित आज। हर पल सेवारत् रहें,दृढ़ता से जांबाज। दृढ़ता से जांबाज,रहें जल-थल-अंबर में। तब जाकर सुख-चैन,प्राप्त करते हम घर में। कहता ‘कवि विकलांग’,यही मेरा है सपना। रहे सदा खुशहाल,देश में सैनिक अपना।।...

  • मुक्तहरा

    मुक्तहरा

    जिसे तुम देख रहे विकलांग उसे मत मान कभी कमजोर। करे यदि कोशिश ला सकता वह जीवन में कल नूतन भोर। रचे नित ही इतिहास यहाँ पर थाम चले कर जो श्रम डोर। सदा वह मंजिल प्राप्त...

  • दिव्यांगों की नयी पहल

    दिव्यांगों की नयी पहल

      आज दिव्यांगजन स्वाभिमान सेवा समिति की चित्रकूट शाखा के कार्यलाय में दिव्यांगों द्वारा प्रेस वार्ता की गयी जिसमें समिति के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों के बारे में बताया गया।इस प्रेस वार्ता में समिति के आगामी कार्यों...

  • कविता

    कविता

    पड़े हैं दर्द सीने के किसी कोने में, फ्रिज में रखी मिठाई जैसे, खराब न हो इसलिए देख लेता हूँ एक बार कि बदबू तो नहीं दे रहें, सालों से जमा हैं, लेना कोई नहीं चाहता,...

  • ईद मुबारक

    ईद मुबारक

    दोहा  छाई हैं चहुँ दिश खुशी,हुए चाँद के दीद। इक-दूजे से मिल गले,कहें मुबारक ईद॥ पीयूष कुमार द्विवेदी ‘पूतू’ परिचय - पीयूष कुमार द्विवेदी 'पूतू' स्नातकोत्तर (हिंदी साहित्य स्वर्ण पदक सहित),यू.जी.सी.नेट (पाँच बार) जन्मतिथि-03/07/1991 विशिष्ट पहचान...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    रसीला हो बड़ा मीठा फलों का नृप कहाता है। प्रशंसा वो करे खुलकर इसे जो व्यक्ति खाता है। पना-आचार-चटनी-जूस औ’ फ्रूटी-अमावट भी। जिसे जो भी लगे अच्छा वही इससे बनाता है॥ पीयूष कुमार द्विवेदी ‘पूतू’ परिचय...