कविता

चुनाव और कोरोना

जहाँ चुनाव है होता वहाँ कोरोना नहीं होता यह शोध से पता चला है इसलिये सम्पूर्ण देश से कोरोना को भगाने का एक मात्र उपाय देश में मध्यावधि लोकसभा चुनाव की घोषणा की जाय जब सम्पूर्ण देश में चुनाव प्रचार आरम्भ हो जायेगा तो समझदार कोरोना अपने मूल देश चीन वापस लौट जायेगा — डॉ […]

कविता

औपचारिकता – नया साल

आजकल हम हर त्योहार औपचारिकता के लिए मनाते हैं हो दीपावली या नया वर्ष यूं ही मनाते हैं सबको शुभकामनाएं भेजकर अपना कर्तव्य निभाते हैं पहिले मिलकर शुभकामनाएं देते थे फिर फोन से देने लगे आज सोशल मीडिया के इस युग में वाटसआप फेसबुक से भेजते हैं शुभकामनाएं न किसी की खैर खबर लेते हैं […]

कविता

दीप और पतंगा

पतंगा करता है दीपक से प्यार इसलिए अपनी जिंदगी उस पर करता है न्योछावार पतंगे की किस्मत में होता है जल जाना प्यार पाने से पहिले ही मिट जाना पतंगा रोशनी से आर्कषित होता है और इसी में अपना जीवन खोता है दीपक से पतंगा अंधा प्यार करता है बिना सोचे समझे ही उस पर […]

कविता

हूं तेरे इतंजार मे

तेरे इतंजार मे कभी तो आओगी इस नाचीज को अपना बनाओगी मै तुमसे मिलने के लिए हूं बेकरार अब आ भी जाओ मत करो तकरार तुम्ही मेरी चाहत हो तुम्ही मेरी पूजा अच्छा न लगे मुझे तुम्हारे अलावा कोई दूजा मुझे मालूम है कि मेरा इतंजार व्यर्थ नही जायेगा एक दिन जरुर तुम्हे मुझपर तरस […]

कविता

प्यार का तोहफा

मत बोओ बीज घृणां के जमाना हो जायेगा तुमसे खफा इसलिए सबको दो प्यार का तोहफा             * प्यार प्रकृति का दिया उपहार है इसका दो सभी को तोहफा तभी साकार है             * प्यार से पराये भी हो जाते है अपने बिना प्यार के […]