धर्म-संस्कृति-अध्यात्म ब्लॉग/परिचर्चा

फलित ज्योतिष पर पौराणिक गुटर-गूँ

प्रसिद्ध योगगुरु बाबा रामदेव ने बयान दिया कि “ज्योतिष विद्या ने क्यों नहीं कोरोना काल के बारे में पहले जानकारी दी। सारे मुहूर्त भगवान ने बना रखे हैं। ज्योतिषी काल, घड़ी, मुहूर्त के नाम पर बहकाते रहते हैं। बैठे-बैठे ही किस्मत बनाते हैं। किसी ज्योतिष ने यह नहीं बताया कि कोरोना आने वाला है।…” बाबा […]

इतिहास ब्लॉग/परिचर्चा

वेदों में “हिन्दू और हिन्दुस्तान” शब्द की कल्पना

राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने “हिन्दू और हिन्दुस्तान” शब्द की उत्पत्ति को लेकर दिनांक २५ मार्च, २०२१ को अपनी फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने अपने साथी अरुंधति वशिष्ठ अनुसन्धान पीठ के निदेशक डॉ० चन्द्रप्रकाश को धन्यवाद देते हुए लिखा कि हमने “हिन्दू और हिन्दुस्तान” शब्द की उत्पत्ति को ऋग्वेद के […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वेदों के शिव

हिन्दू समाज में मान्यता है कि वेद में उसी शिव का वर्णन है जिसके नाम पर अनेक पौराणिक कथाओं का सृजन हुआ है। उन्हीं शिव की पूजा-उपासना वैदिक काल से आज तक चली आती है। किन्तु वेद के मर्मज्ञ इस विचार से सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार वेद तथा उपनिषदों का शिव निराकार ब्रह्म है। […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म ब्लॉग/परिचर्चा

श्रावणी का वैदिक स्वरूप

श्रावण माह अज्ञानियों के लिए ज्ञान का संदेशवाहक बनकर आता है और जनसामान्य को कल्याणपथ पर चलने की ओर प्रेरित करता है। गर्मी के बाद जब वर्षा होती है, तो मानव चित्त वातावरण के अनुकूल होने से शान्त रहता है तथा मन प्रसन्न रहता है। श्रावणी का उत्सव इसी वर्षा के साथ आता है और […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

फिल्मी-दुनिया की होड़

आज चारों तरफ बॉलीवुड, हॉलीवुड आदि भिन्न-भिन्न तरह के चलचित्रों की होड़ लगी हुई है। हमारे देश में ही नहीं अपितु प्रत्येक देश में फ़िल्म-जगत ने बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वृद्धों आदि सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रखा है। प्रायः लोग यह समझते हैं कि फ़िल्म देखना कोई बुरी बात नहीं क्योंकि यह तो सिर्फ […]

लेख सामाजिक

TikTok भारत से क्यों प्रतिबंधित होना चाहिए?

चीन के मोबाइल एप्लीकेशन TikTok के बारे में आप सबने सुना ही होगा। इस एप्लिकेशन ने आज केवल भारतीय युवावर्ग को ही नहीं बल्कि विश्वभर के युवावर्ग को अपना शिकार बनाया है। लगभग 141 देशों में यह एप्लीकेशन उपलब्ध है और अकेले भारत में इसके 120 मिलियन उपयोगकर्ता हैं। इस एप्लीकेशन के अन्तर्गत युवावर्ग एक […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मुक्ति का साधन इन्द्रिय-संयम

[एक मित्र ने शंका रखी है कि क्या इन्द्रिय-संयम अर्थात् ब्रह्मचर्य का पालन जीवन में अनिवार्य है? इस लेख के द्वारा इस शंका का समाधान किया जा रहा है।] वेदादि सत्य शास्त्रों ने मोक्ष-मार्ग के पथिक के लिए ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य बताया है। एक साधक के लिए इन्द्रिय-संयम उसी प्रकार आवश्यक है, जैसे किसी […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

महाभारतान्तर्गत चक्रवर्ती आर्य राजाओं का परिचय

आर्यजगत् के पुनरुद्धारक स्वामी दयानन्दजी सरस्वती अपने ग्रन्थ सत्यार्थप्रकाश के एकादश समुल्लास में चक्रवर्ती राजाओं के विषय में मैत्र्युपनिषद् का प्रमाण उद्धृत करते हुए लिखते हैं- “सृष्टि से लेकर महाभारतपर्यन्त चक्रवर्ती सार्वभौम राजा आर्यकुल में ही हुए थे। अब इनके सन्त्तानों का अभाग्योदय होने से राजभ्रष्ट होकर विदेशियों के पादाक्रान्त हो रहे हैं। जैसे यहां […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

महामृत्युञ्जय मन्त्र में खरबूजे की उपमा का मार्मिक सन्देश

महामृत्युञ्जय मन्त्र में खरबूजे की उपमा का मार्मिक सन्देश प्रियांशु सेठ वेदों की विश्व-विश्रुति का अन्यतम कारण यह भी है कि जिस किसी भी कोण से हम इस अद्भुत ग्रन्थ का अध्ययन करें, यह अपने प्रस्तार से अमाप्य है। इसके एक मन्त्र का सम्पूर्ण आकलन समग्र जीवन-साधना की अपेक्षा रखता है। ईश्वर प्रदत्त ज्ञान की […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वेद की दृष्टि में जल अमृतरूप औषधि है

वेद के अनेक मन्त्र जल को आरोग्य, दीर्घजीवी व बल का संवर्धन करनेवाला इत्यादि बताते हुए जल की महत्ता का वर्णन करते हैं। वेदज्ञों की दृष्टि में जल को एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त है किन्तु जल का आवश्यकता से अधिक प्रयोग या अनावश्यक प्रयोग करने वाला आज का भौतिकवाद जल की महत्ता से पूर्णतः […]