कविता

स्वच्छता के दीप जले

दीप जले सदभाव के  ऐसी ये दीवाली हो। घर घर रोशन हो सारे  ऐसी ये दीवाली हो।। शिक्षा के आलोक में  देश के ननिहाल पले। मिटे अज्ञान अंतर्मन से  ऐसी ये दीवाली हो।। स्वच्छता के दीप जले  स्वच्छ गाँव ढाणी हो। मच्छर पनपे नहीं कोई  ऐसी ये दीवाली हो।। राग द्वेष नफरत मिटे  प्रेम व […]

पुस्तक समीक्षा

पुस्तक समीक्षा – दीपक तले उजाला

लखनऊ की कवयित्री उर्मिला श्रीवास्तव की यह आंठवी कृति “दीपक तले उजाला” पढ़ी। इस कृति की सभी कविताएँ मानव को कुछ न कुछ सीख देती है। इस कृति की पहली काव्य रचना चार घड़ी है। यह जीवन क्षण भंगुर है। जीवन कब तक है किसी को पता नहीं। यह सच्चाई हमेशा याद रहे। ये मानव […]

समाचार

17 रचनाकार आँचलिक साहित्यकार सम्मान से सम्मानित

क्षेत्रीय बोलियों को बढ़ावा देने की अनूठी पहल साहित्य संगम संस्थान ने डॉ. मीना भट्ट, अध्यक्षा लोकायुक्त, जबलपुर,पूर्व जिला न्यायाधीश सहित 17 रचनाकारों को आँचलिक साहित्यकार सम्मान से किया सम्मानित भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा बुधवार को आँचलिक साहित्यकार सम्मान से सत्रह रचनाकारों को सम्मानित किया। संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा […]

समाचार

हिंदी के विकास हेतु साहित्य संघ की स्थापना

भवानीमंडी:- हिंदी साहित्य को विश्वपटल पर लोकप्रिय बनाने हेतु साहित्य संगम संस्थान दिल्ली संकल्पबद्ध है इस हेतु साहित्य संघ की स्थापना की जा रही है । संस्थान के अध्यक्ष आदरणीय राजवीर सिंह मंत्र जी,  शिरोमणि डॉ अरुण श्रीवास्तव अर्णव जी,संरक्षक आचार्य भानु प्रताप जी, सचिव  कविराज तरुण सक्षम, संस्थान की विधिक सलाहकार पूर्व न्यायाधीश डॉ […]

कविता

कविता – जन्नत से प्यारा

हिमगिरि का ताज सजाये जो। सबकी पहचान बताये जो।। स्वर्ण सी चमक दिखाये जो। कितना प्यारा लगता है जो।। ऋषि मुनियों की खान है जो। सबके दिलों की जान है जो।। हम सबका स्वाभिमान है जो। जन्नत से प्यारा लगता है जो।।  हरियाली की ओढ़े चुनर जो। समृद्धि के गीत गाता है जो।। खेतों और […]

कविता

कमर तोड़ मँहगाई

पेट्रोल डीजल कितने हुए महँगे। ये तो कमर तोड़ महंगाई है भाई।। सब्जी मंडी में है महंगी सब्जियाँ। थाली से दाल भी गायब है भाई।। कतारों में लगी आम जनता देखो। मँहगाई से त्रस्त गरीब यहाँ भाई।। किराने के सामान में बढ़ी महँगाई। जी एस टी का राग सुनाते भाई।। सारे नेता झूंठे वादे कर […]

कविता

कविता – आज़ाद हिंदुस्तान

हम स्वाधीनता दिवस की खुशियाँ मनाने निकले हैं। तिरंगे के खातिर हम अपनी जान लुटाने निकले हैं।। सरहद पर सैनिक हमारे रोज रोज ही शहीद होते हैं। हम भारत माँ की रक्षा में हथियार लेकर  निकले है।। दुश्मन का सिर कलम करें संकल्प लेकर निकले हैं। हम आज़ादी के प्रहरी सीना तान लेकर निकले हैं।। […]

बाल कविता

सैनिक

सीमा पर प्रहरी बनकर। भारत माँ की रक्षा करते।। शीत ताप वर्षा भी सहते। मातृभूमि का मान बढ़ाते।। वर्दी में तैनात सदा रहकर। माँ भारती की लाज बचाते।। तिरंगा मन में ये बसाकर। सीना ताने आगे बढ़ जाते।। दुश्मन के खट्टे दाँत करते। पीठ कभी न ये दिखाते।। कदम बढ़ाते डटकर ये। हरगिज़ कभी  न […]

कविता

कविता – बदलते चेहरे

कितने चेहरे बदलोगे दिन में अलग रात में अलग तुम कितने चेहरे बदलोगे इंसान हो कि गिरगिट हो पल पल चेहरे बदलोगे हर चेहरा कुछ बयां करेगा कुछ अच्छा कुछ बुरा करेगा खुदगर्ज़ी के सारे सबूत परत दर परत खोलेगा जुबां पर गुनाह के चिठ्ठे वो हर हाल में बोलेगा कितने चेहरे बदलोगे…. वक़्त का […]

इतिहास

गीतों के राजकुमार – पद्मश्री गोपाल दास नीरज

हिंदी कवि सम्मेलनों से प्रसिद्धि पाने वाले हिंदी के सुप्रसिद्ध गीतकार, कवि लेखक, गोपाल दास नीरज का दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन गुरुवार 19 जुलाई 2018 को हुआ। मंगलवार को उन्हें आगरा के लोटस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहाँ से उन्हें दिल्ली ले जाया गया । जहाँ उनका निधन हुआ। यह खबर […]