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  • अफवाह

    अफवाह

    जीना मुश्किल,मरना आसान हो गया हर दूसरा घर कोई श्मशान हो गया माँ कहीं,बाप कहीं,बेटा कहीं,बेटी कहीं एक ही घर में सब अन्जान हो गया शहरों में नौकरियाँ खूब बिका करती हैं इस में गाँव मेरा वीरान...

  • निगाहें मिलाते रहिए

    निगाहें मिलाते रहिए

    इश्क़ का भ्रम यूँ बनाते रहिए इस दिल में आते जाते रहिए आप ही मेरी नज़्मों की जाँ थी ये चर्चा भी सरे आम सुनते रहिए सिलिए ज़ुबान तकल्लुफ से लेकिन निगाहें मिलाते रहिए आप मेरी...

  • अगली पीढ़ी का बोझ कौन उठाएगा

    अगली पीढ़ी का बोझ कौन उठाएगा

    आग लगाने वाले आग लगा चुके पर इल्ज़ाम हवाओं पे ही आएगा रोशनी भी अब मकाँ देखे आती है ये शगूफा सूरज को कौन बताएगा बाज़ाए में कई”कॉस्मेटिक”चाँद घूम रहे अब आसमाँ के चाँद को आईना...


  • तू मिलना अब मुझसे तो

    तू मिलना अब मुझसे तो

    तू मिलना अब मुझसे तो सब रश्में तोड़ के मिलना दुपट्टे,पल्लू में समेटी हुई लाज शरम छोड़ के मिलना जो नहीं आती हैं मेरी ओर वो गलियाँ मोड़ के मिलना मैं जला हुआ हूँ सूरज सा...



  • ज़ुबानें हो गईं गाली-गाली

    ज़ुबानें हो गईं गाली-गाली

    बादल बना है फिर सवाली आसमाँ क्यों खाली-खाली किसने लूटा है गुलिस्तां को बिखरा हुआ है डाली-डाली किस-किस से करे हिफाज़त डरा हुआ हर माली-माली चाँद खा गया सेंक के कोई रात रह गई काली-काली उम्मीदें...