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  • मुक्त करो भगवन को आज!

    मुक्त करो भगवन को आज!

    सदियों से मंदिर की चौखटों में, मनुष्य बचाता रहा है ईश्वर की लाज, पर दम घोंट कर मारने से बेहतर; मुक्त करो भगवन को आज! बेलपत्र, दूध, गंगाजल,चन्दन ,धूप, हरेक से शुद्ध कराया ईश्वर को, पर...




  • इंक़लाब लेके आएँगें मजलूम

    इंक़लाब लेके आएँगें मजलूम

    यहाँ अब जीना भी मुहाल है ये सियासत की सब चाल है जो जवाब मालूम हो,वही पूछो इस माजरे का शिकार,सवाल हैं मिट्टी है सोना,सोना है मिट्टी न जाने ये कैसा गोलमाल है आप गलत देखें...


  • न जाने किनका ख्याल आ गया

    न जाने किनका ख्याल आ गया

    न जाने किनका ख्याल आ गया रूखे-रौशन पे जमाल* आ गया जो झटक दिया इन जुल्फों को ज़माने भर का सवाल आ गया मैं मदहोश न हो जाती क्यों-कर खुशबू बिखेरता रूमाल आ गया मैं मिट...