कविता

कविता – गरीब

कुछ करना चाहता हूँ, पर कुछ कर नही पाता हूँ । आगे बढ़ना चाहता हूँ, पर आगे बढ़ नही पाता हूँ । कोई मदद करना चाहे, तो मदद ले नही पाता हूँ । किसी से मदद मांगना चाहता हूँ, पर शरमा जाता हूँ । अच्छे जगहों पर घूमना चाहता हूँ, पर जेब खाली पाता हूँ […]

कविता

कविता – क्या लिखूँ ?

रोज काल का ग्रास बन रही आसिफा, फिर कैसे मैं श्रृंगार लिखूँगा । देश चल रहा नफरत से ही, फिर कैसे मैं प्यार लिखूँगा । वंचित हैं जो अधिकार से अपने, उनका मैं अधिकार लिखूँगा । दुष्टों को मारा जाता है जिससे, अब मैं वही हथियार लिखूँगा । रोज जवान मर रहे सीमा पर, कब […]

कविता

सपना !

सपना ! नया भारत बनाने का, आतंकवाद मिटाने का, देशद्रोह मिटाने का, बेरोजगारी हटाने का ।         सपना ! देश का सेवा करने का, झूठ के खिलाफ लड़ने का, देश की रक्षा करते मरने का, एक नया इतिहास रचने का ।       सपना ! मेहनत से आगे बढ़ने का, सच्चाई […]

समाचार

मासिक ई-पत्रिका ‘नया गगन’ का हुआ विमोचन

हिंदी साहित्य समृद्धि मंच मुजफ्फरपुर, बिहार के पटल पर मासिक ई-पत्रिका नए गगन के पहले अंक का विमोचन गुरुवार रात 10 बजे छपरा, बिहार के युवा कवि व साहित्यकार शुभम सहायता के कर-कमलों से संपन्न हुआ। संसथापक सौरभ कुमार ठाकुर ने बताया की पूरी प्रशासक मंडल की बैठक 01 अक्टूबर को हुई थी, उसी में […]

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सेहत

जब जन्म लिया तो खुद को, गाँव में पाया था । उपरवाले के आशीर्वाद से, मैं इस दुनिया में आया था । अपने मम्मी-पापा के लिए, मै बहुत ही प्यारा था । उनके बुढ़ापे के जीवन का, केवल मै एक सहारा था । उस छोटे से गाँव में रहकर, मैं कभी बिमार ना हुआ । […]

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गुरुजी (कविता)

अज्ञानता दूर करके गुरुजी ने, ज्ञान की ज्योती जलाया है । गुरु जी के चरणों में रहकर, हमने सब शिक्षा पाया है । गलत राह पर भटके जब हम, गुरुजी ने ही राह दिखाया है । सत्य मार्ग पर चलने को, गुरुजी ने दिशा दिखाया है । गुरुजी का आदर करके, हमने आशीर्वाद पाया है […]

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पिता और बेटा

मजदूरी करके भी हमको उसने पढ़ाया है। कचौड़ी के बदले उसने सूखी रोटी खाया है। हम पढ़-लिखकर इन्सान बनेंगे, यह उम्मीद थी कि वह खुद जगाया है। जब पिया सिगरेट बेटा, देखना वह शरमाया है। उन्होंने नशा का मूँह ना देखा, बेटे ने राशि आज चबाया है। उसकी उम्मीदों का आज गला घोंट, पता नहीं […]

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माँगे (कविता)

हक के लिए आवाज उठाया तो सही, आवाज में हमारे वजनदारी चाहिए। देश हमारा प्यारा, श्रेष्ठ और सच्चा है, बस देशवाशियों में भी ईमानदारी चाहिए। भ्रष्टाचार अभी चरम सीमा पर है, बस हमें सच्चे अधिकारी चाहिए। आरोपियों को कड़ी-से-कड़ी सजा मिले, जल्द-से-जल्द हमारी माँग पूरी चाहिए। आरोपियों को सजा दे सकें हम, हमे भी ये […]

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नेता जी से अनुरोध

गरीब को कोई गरीब ना कहे, आप कुछ ऐसा काम कीजिए । देश में कोई गरीब ना रहे, आप कुछ ऐसा इन्तजाम कीजिए । पूरी दुनिया जाने भारत क्या है ? भारत का रौशन नाम कीजिए । दुश्मन देश में आ ना सके, दुश्मनों का काम तमाम कीजिए । नेता हैं आप भारत के, नेता […]

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कविता – विछोह की पीड़ा

पता नही किस शहर में, किस गली तुम चली गई। मै ढूँढ़ता रह गया,तुम छोड़ गई । पता नही हम किस मोड़ पर फिर कभी मिल पाएँगे । इस अनूठी दुनिया में फिर किस तरह से संभल पाएँगे । पता नही तेरे बिन हम, जी पाएँगे या मर जाएँगे । हम बिछड़ गए उस दिन,जिस […]