हाइकु/सेदोका

होली है होली !!

प्रेम फागुनी मन के उत्सव में भीगता रहे ! .. रंग गुलाल चले भंग के संग मचाते शोर ! .. प्रेम फागुनी मन के उत्सव में भीगता रहे ! .. धरा ने खेला अम्बर संग रंग मचा धमाल ! … होली के रंग अपनों के संग हैं कहे फागुन ! … होली के रंग पिचकारी […]

गीतिका/ग़ज़ल

बेटी तो सदा दिल का अरमान होती है !

बेटी बाबुल के दिल का टुकड़ा भैया की मुस्कान होती है, आँगन की चिड़िया माँ की परछाईं घर की शान होती है ! खुशियों के पँख लगे होते हैं उसको घर के हर कोने में रखती है अपनी निशानियां जो उसकी पहचान होती हैं ! माँ की दुलारी पापा की लाडली भैया की नखरीली वो […]

कविता

प्रेम जिंदगी का कवच !!!

मुसाफि़र सी इस जिंदगी में जो किसी के साथ चलना जानता है जो साथ चलते-चलते किसी का हो जाना चाहता है जो किसी का होकर उसे अपना बना लेता है ऐसी पगड‍ंडियां सिर्फ औ सिर्फ प्रेम ही दौड़कर पार कर सकता है समेट लेता है अहसासों को भावनाओं की अंजुरी में प्रेम के ढाई आखर […]

कविता

सपनों के लिये !!!

क्या आती है तुम्हें सपनों के लिए खरीदनी कोई उम्मीद क्या तुमने लगाई है किसी सपने को सोफियाई क्रीम नहीं ना तो कैसे पूरे होंगे तुम्हारे सपने उनका जतन करना सीखो जिस दिन तुम प्यार से उन्हें सहेज़ना सीख जाओगे यकीं मानो तुम्हारे सपने अपने आप पूरे हो जाएंगे !!!

क्षणिका

क्षणिकाएँ…

1) अपनेपन की ऊँगली !! बदल जाने के लिए वक़्त होता है रिश्ते नहीं रूठें तो मनाओ मन की गिरह खोलो अपनेपन की ऊँगली पकड़कर पार कर लो हर मुश्किल को !! 2) उम्मीद की हथेली !! कुछ रिश्ते होते हैं सच्चे झूठ की गिरफ़्त से कोसों दूर जैसे यक़ीन के काँधे पर टिकी हो कोई उम्मीद […]