मुक्तक/दोहा

दोहे रमेश के कोरोना पर

आओ पहुँचाए चलो,घर घर सभी रमेश । कोरोना पर देश के, ..पी अम का संदेश ।। आओ हम खायें कसम, मिलकर पूरा देश । जनता कर्फ्यू का करें, पालन सभी रमेश ।। दुनिया को सिखला रहा, कोरोना तरकीब। हाथ जोड़ कर सीखिए, भारत की तहजीब।। सावधानियों पर अगर,दिया सभी ने ध्यान। हो जायेगा शर्तिया, …….कोरोना […]

मुक्तक/दोहा

दोहे रमेश के बसंत पंचमी पर

मातु शारदे दीजिए, यही एक वरदान. दोहों पर मेरे करे, जग सारा अभिमान.. मातु शारदे को सुमिर, दोहे रचूँ अनंत. जीवन मे साहित्य का छाया रहे बसंत.. सरस्वती से हो गया, तब से रिश्ता खास. बुरे वक्त में जब घिरा, लक्ष्मी रही न पास.. आई है ऋतु प्रेम की, आया है ऋतुराज. बन बैठी है […]

मुक्तक/दोहा

दोहे रमेश के गणतंत्र दिवस पर

रचें सियासी बेशरम, जबजब भी षड्यंत्र ! आँखे मूँद खड़ा विवश, दिखा मुझे गणतंत्र !! कहलाता गणतंत्र का, दिवस राष्ट्रीय पर्व ! होता है इस बात का, हमें हमेशा गर्व !! हुआ पतन गणतंत्र का, बिगड़ा सकल हिसाब ! अपराधी नेता हुए, सिस्टम हुआ खराब !! राजनीतिक के लाभ का, जिसने पाया भोग ! उसे […]

मुक्तक/दोहा

दोहे रमेश के नववर्ष पर

चला वर्ष उन्नीस भी, छोड सभी का साथ. हमें थमा कर हाथ में, नये साल का हाथ.. पन्नो मे इतिहास के, लिखा स्वयं का नाम. चला वर्ष उन्नीस भी, यादें छोड़ तमाम.. आने को मुस्तैद है, नया नवेला वर्ष. दिल में सबके प्यार का, दिखे उमड़ता हर्ष.. चला वर्ष उन्नीस भी, खेल कई नव खेल. […]

मुक्तक/दोहा

दोहे रमेश के दिवाली पर

संग शारदा मातु के, लक्ष्मी और गणेश ! दीवाली को पूजते, इनको सभी ‘रमेश !! आतिशबाजी का नहीं, करो दिखावा यार ! दीपों का त्यौहार है, सबको दें उपहार ! आतिशबाजी से अगर, गिरे स्वास्थ्य पर गाज ! ऐसे रस्म रिवाज को, करें नजर अंदाज !! करें प्रदूषण वाकई, ऐसे रस्म रिवाज ! उनका करना […]

मुक्तक/दोहा

दोहे रमेश के दिवाली पर

संग शारदा मातु के, लक्ष्मी और गणेश ! दीवाली को पूजते, इनको सभी ‘रमेश !! आतिशबाजी का नहीं, करो दिखावा यार ! दीपों का त्यौहार है,… सबको दें उपहार ! आतिशबाजी से अगर,गिरे स्वास्थ्य पर  गाज ! ऐसे रस्म रिवाज को, …….करें नजर अंदाज !! करें प्रदूषण वाकई, …..ऐसे रस्म रिवाज ! उनका करना चाहिए,झटपट […]

मुक्तक/दोहा

रक्षा बंधन पर रमेश के दोहे

बहना का तो प्यार है,    भाई का विश्वास ! राखी की इस डोर में,रिश्तों का अहसास !! उत्साहित है हर नगर ,शहर गली बाजार ! रक्षा बंधन का पुनित, …आया है त्यौहार !! राखी का त्योहार है,,,सजने लगी दुकान ! हर बहना के हाथ में,  दिखता है मिष्ठान !! फीका फीका सा लगे, राखी […]

मुक्तक/दोहा

स्वतंत्रता दिवस पर दोहे

आजादी का पर्व है, .. झूम रहा है देश ! इसका होना चाहिए, सबको गर्व रमेश ! ! आजादी है देश की, ….वीरों का बलिदान ! नवयुग की नव पीढियां , दें वीरों को मान !! इकहत्तर पूरे हुए,……..आजादी के साल ! नहीं गुलामी का मगर,कटा ज़हन से जाल !! आजादी का कब हुआ,हमें पूर्ण […]

मुक्तक/दोहा

दोहे रमेश के

इत देखूंँ परिवार या, उत देखूँ मै देश ! जीवन के बाजार मे,ऐसा फँसा रमेश ! ! पिछड़ेपन की देश मे,ऐसी चली बयार ! लगी हुई है होड़ सी , बनने की लाचार !! कर लेगें सब ठीक है, गठबंधन स्वीकार ! किसे कहें पर आपका, बतलाएँ सरदार !! बुरे भले के बीच का, जिन्हे […]

मुक्तक/दोहा

नववर्ष पर दोहे

दो हजार सत्रह  चला, छोड सभी का साथ ! हमें थमा कर हाथ में, नये साल का हाथ !! आने को मुस्तैद है , नया नवेला वर्ष ! दिल में सबके प्यार का, दिखे उमड़ता हर्ष !! दो हजार सत्रह चला, खेल कई नव खेल ! हुए बरी कुछ लोग तो, गए भ्रष्ट कुछ जेल […]