Author :


  • दोहे : पावन पर्व महान

    दोहे : पावन पर्व महान

    लक्ष्मी गणपति पूजिए, पावन पर्व महान , बाढ़े विद्या बुद्धि धन, मानव होय सुजान.   हिया अंधेरौ मिटि रहै, जागै अंतर जोत , हिलि-मिलि दीपक बारिए, सब जग होय उदोत |   बहुरि रंग की फुरिझरीं,...


  • हिन्दी की रेल

    हिन्दी की रेल

    हिन्दी की ये रेल न जाने, चलते चलते क्यों रुक जाती | जैसे ही रफ़्तार पकडती, जाने क्यूं धीमी हो जाती | कभी नीति सरकारों की या, कभी नीति व्यापार-जगत की | कभी रीति इसको ले...

  • हिन्दी के विरुद्ध षडयंत्र

    हिन्दी के विरुद्ध षडयंत्र

    स्वतन्त्रता के आन्दोलन के साथ हिन्दी की प्रगति का रथ भी तेज़ गति से आगे बढ़ा और हिन्दी राष्ट्रीय चेतना की प्रतीक बनी| स्वाधीनता आन्दोलन का नेतृत्व यह जानता था कि लगभग १००० वर्षों से हिन्दी...


  • अगीत कविता : एक परिचय

    अगीत कविता : एक परिचय

    अगीत कविता विधा महाप्राण निराला से आगे मुक्त अतुकान्त छ्न्द की नवीन धारा है, जिसने सन्क्षिप्तता को धारण किया है; जो आज के युग की आवश्यकता है। यह ५ से ८ पन्क्तियॊ की कविता है। यथा—...

  • गज़ल : आतंक की फसल

    गज़ल : आतंक की फसल

    टूट्ते आईने सा हर व्यक्ति यहां क्यों है .हैरान सी नज़रों में ये अक्स यहां क्यों है।   दौडता नज़र आये इन्सान यहां हरदम इक ज़द्दो ज़हद में हर शख्श यहां क्यों है।   वो हंसते...


  • धरती का वास्तविक इतिहास

    धरती का वास्तविक इतिहास

    धरती का इतिहास वास्तविक रूप में भारतवर्ष का इतिहास ही है | सृष्टि, मानव व मानवता वहीं से प्रारंभ हुई, वहीं से समस्त विश्व मे प्रसारित व निर्देशित हुई, भारतीय सभ्यता व संस्कृति के पतन व...