कविता

बदनाम मोहब्बत

झूठे ख़्वाब दिखा दिखाकर, मन को छलती है ये दुनियां। सरे आम बदनाम मोहब्बत को  करती  है , ये   दुनियां। विश्वास  में विष  दे देती है , ये  जीते जी जाँ ले लेती है। कुछ  काम  नहीं करती  है, ये  केवल  हाँ  कह  देती है। कुछ भोले -भाले  चेहरे  ही, अक्सर  धोखा   दे  देते  हैं। […]

कविता

कलियां ही ग़र तुम तोड़ोगे

कलियां ही ग़र तुम तोड़ोगे तो पुष्प कहाँ से लाओगे। अपना सूना आँगन फिर, तुम किससे महकाओगे। क्यों निर्मम हत्याएँ तुम, अविकसित कलियों की करते हो। क्यों नन्हें नन्हें पग चिन्हों से, तुम गलियां सूनी करते हो। ये कलियां ही विकसित , होकर एकदिन पुष्प बनेंगी। किसी कुंवारे यौवन के संग, जब ये सुन्दर सृष्टि […]

कविता

बेटी बचाओ

  ।।  बेटी बचाओ।। कलियां ही ग़र तुम तोड़ोगे,                   तो पुष्प  कहाँ  से  लाओगे। अपना  सूना  आँगन  फिर,                     तुम  किससे  महकाओ गे। क्यों  निर्मम   हत्याएँ  तुम,             अविकसित कलियों की करते हो। […]

कविता

आकृति

……आकृति………. मैं एक  क्षण भी  दूर  नहीं  हूँ, मैं तुझमे ही  ,हरपल  रहता हूँ, मैं तुम्हारी कलाई का गजरा हूँ, मैं  तुम्हारी  मांग का  सिंदूर हूँ, मैं   तुम्हारे   माथे का चन्दन हूँ, मैं  तुम्हारे   हाथों  का कंगन हूँ, मैं   तुम्हारे   ह्र्दय  का कैदी हूँ, मैं  तुम्हारे   हाथों  की मेहंदी हूँ, मैं तुम्हारी पायल की झंकार […]

सामाजिक

हेलमेट : हमारी सुरक्षा, हमारे हाथ

आजकल अधिकतर युवा बाइक चलाते समय यातायात नियमों का ज़रा सा भी पालन नहीं करते हैं।याद रखना मौत हमेशा युवाओं को ही मोहब्बत भरी नजरों से देखती है।कब कोई युवा जोश में अपना होश खो दे।और मेरे गले लग जाये।घर से निकलते समय हेलमेट नहीं लगाएंगे,कहीं उनका हेयरस्टाइल न ख़राब हो जाये।जब कि ज्यादा तर […]

कविता

मासूम बच्चे

साहब, मैंने  दर्द  पढ़ा  नहीं, देखा  है,  मैंने  भूखे  प्यासे बच्चों   को  रोते   देखा  है। मैंने  स्टेशन   पर     उनको , बचपन    खोते    देखा  है। ये साहब ,ये साहब दिन भर चिल्लाते हैं,  जूते चप्पल से लेकर गाली  तक  खाते  हैं। तब  जाकर  कहीं शाम  को ये   बच्चें   खाना   खाते  हैं। लोगों  को  […]

कविता

प्रहरी

वो सीमा का प्रहरी है, किसी से कुछ न कहता है, हर विपदा को सहता है, वो केवल मौन रहता है। हर उत्सव महोत्सव, वो सीमा पर मानता है, तुम दीपक जलाते हो, वो दिल को जलाता है। चाँदनी रात में अक्सर , वो ख़्वाबों को सजाता है, अपना बिता हुआ बचपन,  ख़्यालों में वो […]