धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

हिन्दुओं की दुर्दशा के लिए कौन जिम्मेदार है?

असाम ब्रह्मपुत्र नदी और घने जंगलों का सुन्दर प्रदेश चिरकाल से हिन्दू राजाओं द्वारा शासित प्रदेश रहा है। असाम में इस्लाम ने सबसे पहले दस्तक बख्तियार खिलजी के रूप में 13 वीं शताब्दी में दी थी। बंगाल पर चढ़ाई करने के बाद खिलजी ने असाम और तिब्बत पर आक्रमण करने का निर्णय किया। अली नामक […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

बौद्धिकता के नाम पर वैचारिक प्रदूषण

हमारे देश में एक विशेष जमात हमारी परम्पराओं और धार्मिक मान्यताओं पर निरंतर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कुठाराघात करने में लगी रहती हैं। इस वर्ग विशेष के अनेक नाम हैं जैसे मानवाधिकार कार्यकर्ता, एक्टिविस्ट,सिविल सोसाइटी, शहरी नक्सली, साम्यवादी, सेक्युलर, टुकड़े-टुकड़े गैंग, NGO वाला आदि। परन्तु इनका एक ही उद्देश्य है “तोड़फोड़”। समस्या यह […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

क्या दर्शन नास्तिकता का समर्थन करते है?

टाइम्स ऑफ़ इंडिया समाचार पत्र, 1 फरवरी, 2019, दिल्ली संस्करण के पृष्ठ 18 पर श्री पवन कुमार वर्मा, नेता जनता दल यूनाइटेड का Prayer as well as Profit के नाम से लेख प्रकाशित हुआ। इस लेख में लेखक ने 6 में से 5 दर्शन को नास्तिक बता रहे हैं। दर्शन के विषय में वर्तमान में […]

राजनीति

इस्लामिक बैंकिग और भारत

भारत में मुस्लिम कह रहे हैं कि इस्लाम में ब्याज देना और ब्याज लेना हराम है. इसलिए हम यहाँ ब्याज रहित इस्लामिक बैंकिंग सिस्टम लाएंगे. प्रसिद्द लेखक अरुण शौरी ने एक पुस्तक लिखी है जिसका नाम है The World of Fatwas or The shariah in Action.इसका हिंदी अनुवाद वाणी प्रकाशन, दिल्ली से “फ़तवे, उलेमा और […]

राजनीति

भारतीय मुसलमान और जनरल करिअप्पा

भारतीय सेना के प्रथम सेनापति जनरल करिअप्पा 1964 में अपने द्वारा लिखित पुस्तक “लेट अस वेक अप” में भारतीय मुसलमानों के विषय में लिखते है- “हमारा एक धर्म निरपेक्ष देश है। मैं मुसलमानों को उतना ही अपना भाई-बहन समझता हूँ, जितना कि भारत के अन्य सम्प्रदायों के लोगों को समझता हूँ। देश में अपनी निरंतर […]

सामाजिक

अरुण शौरी की नजर में तलाक और हलाला

प्रसिद्द लेखक अरुण शौरी ने एक पुस्तक लिखी है जिसका नाम है The World of Fatwas or The shariah in Action.इसका हिंदी अनुवाद वाणी प्रकाशन, दिल्ली से “फ़तवे, उलेमा और उनकी दुनिया” के नाम से प्रकाशित हुआ था। इस पुस्तक में पिछले 100 वर्षों में विभिन्न मुस्लिम संस्थानों से मौलवियों द्वारा दिए गए विभिन्न फतवों […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वेदों की मनमानी व्याख्या करने का विरोध

विगत कुछ वर्षों से विश्व पुस्तक मेले में इस्लामिक मान्यता वाले कुछ लोग वेद और क़ुरान को समान बताने का एक षड़यंत्र चला रहे हैं। इस षड़यंत्र के तहत हर वर्ष विभिन्न नामों से एक स्टाल पर वेदों के मनमाने अर्थ कर उन्हें क़ुरान समान बताने का असफल प्रयास करते हैं। आर्यसमाज के गुरुकुल के […]

सामाजिक

ईसाई धर्मान्तरण: एक ज्वलंत समस्या

दिल्ली हाई कोर्ट ने बयान दिया है कि ईसाई मिशनरी द्वारा किये जाने वाले कार्य भारतीय संविधान के अंतर्गत वैध हैं। डॉ क्रिस्टो थॉमस मूलरूप से भारत के रहने वाले है जो वर्षों पहले अमरीका चले गए थे। कुछ समय पहले वह भारत आकर चिकित्सा सेवा देने लगे। उन पर आरोप लगा कि वह सेवा […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

स्वामी अग्निवेश जी के नाम खुला पत्र

दिनांक 2 जनवरी, 2019 के हिंदुस्तान हिंदी समाचार के दिल्ली संस्करण में “लैंगिक समानता के लिए जुड़े हाथों से हाथ” शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ जिसमें स्वामी अग्निवेश जी को केरल के तिरुवनंतपुरम में “वीमेन वाल” का हिस्सा बनते हुए दिखाया गया हैं। यह वीमेन वाल केरल में कम्युनिस्ट विचारकों द्वारा प्रायोजित थी। शबरीमाला मंदिर […]

राजनीति

भारत में गौ की रक्षा नहीं होगी तो क्या पाकिस्तान में होगी?

मीडिया बुलंदशहर में पुलिस अधिकारी सुबोध सिंह की हत्या को लेकर गौरक्षकों को दोषी करार दे रहा हैं। गौकशी करने वाले तस्करों और दंगे में मारे गए निर्दोष अंकित का कोई नाम तक ले रहा। मीडिया इस विषय पर विचार ही नहीं कर रहा कि गौरक्षकों को सड़कों पर आकर गौरक्षा की क्यों आवश्यकता पड़ […]