जब भी बोलो अच्छा बोलो
जब भी बोलो अच्छा बोलो
सागर जैसे गहरा बोलो
झूठ नहीं सच बन जाएगा
चाहे जितना ऊँचा बोलो
दुनिया मक्खनबाजी समझे
इतना भी मत मीठा बोलो
हर कोई दुश्मन बन जाए
क्योंकर इतना कड़वा बोलो
बोली से पहचान बने हैं
सच्चा बोलो बढ़िया बोलो
Kuldeep
जब भी बोलो अच्छा बोलो
सागर जैसे गहरा बोलो
झूठ नहीं सच बन जाएगा
चाहे जितना ऊँचा बोलो
दुनिया मक्खनबाजी समझे
इतना भी मत मीठा बोलो
हर कोई दुश्मन बन जाए
क्योंकर इतना कड़वा बोलो
बोली से पहचान बने हैं
सच्चा बोलो बढ़िया बोलो
Kuldeep