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डॉ पूनम माटिया के काव्य पाठ ने श्रोताओं को किया मंत्र मुग्ध

नई दिल्ली।  हरिश्चंद्र वंशीय महासभा, कानपुर का वार्षिक उत्सव पद्मावत सिंघानिया सभागार, मर्चेंट चैंबर में समारोह-पूर्वक मनाया गया ।
इस अवसर पर शास्त्रीय संगीत व भजन प्रस्तुति के पश्चात काव्य पाठ का आयोजन किया गया ।
देश के साहित्य जगत में  राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान  रखने वाली डॉ. पूनम माटिया(दिल्ली) जैसे ही मंच पर आई और अपना काव्य पाठ शुरू किया, श्रोताओं से लबालब सिंघानिया सभागार तालियों की आवाज से गूंज उठा।डॉ. माटिया के काव्य पाठ से अभिभूत  श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट रुकने का नाम नहीं ले रही थी। श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए ।एक कवि जब कभी पाठ करता है और उपस्थित श्रोता जब  उसके काव्य की दिल खोलकर दाद देते हैं तो कवि का मन भी आह्लादित होता है और वह भी मंत्रमुग्ध होकर अपनी एक से बढ़कर एक रचना  श्रोताओं को सुनाकर श्रोताओं की दाद लेना पसंद करता है।   डॉ. पूनम ने श्रोताओं के असीम प्यार और स्नेह को देख कर  अपनी रचनाओं से श्रोताओं को अभिभूत कर दिया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि- ‘सौतन’ फिल्म के निर्माता, गीतकर सावन कुमार ने भी कवयित्री पूनम माटिया का पुष्पगुछ और उपहार देकर  सम्मान किया। उधर श्रोताओं ने  कवयित्री पूनम को ढेर  पुष्पमालाओं से सम्मान किया। सभागार में यह दृश्य  देखने लायक था।
  इधर डॉ पूनम भी समाज  में अपनों के बीच खुशी से फूले नहीं समा रही थी। यह दृश्य बड़ा ही रोचक और आनंदित कर रहा था ।उनको ऐसा लगा कि आज समाज में अपनो से अपनो के बीच में बहुत बड़ा सम्मान  मिला है ।ओर आज में ये प्यार, स्नेह और सम्मान समाज में अपनों से पाकर ,अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रही थीं।
उन्होंने इस बात पर एक दोहा भी पढ़ा-
विविध विधाओं में मिले, कितने ही सम्मान
अपनों के इस मान ने, बना दिया प्रतिमान
 समारोह में डॉ पूनम माटिया को शाल और पुष्पहार डॉ सविता विनोद रस्तोगी  ने पहनाकर सम्मान किया और महिला मंडल की सभी महिलाओं ने डॉ पूनम को फूल मालाओं से लाद दिया।
तथा दिलशाद गार्डन रुस्तगी सभा के रमेश रुस्तगी (साड़ी वाले),राजेन्द्र रुस्तगी (ग्रेटर नोएडा),द्वारका प्रसाद रुस्तगी(हेली मंडी से),एवं कानपुर के वरिष्ठजन हरिश्चंद्र बंधु- भगिनी को भी शालऔर पुष्प हार पहनाकार सम्मान किया गया।
 डॉ वी सी रस्तोगी,आई एम रोहतगी,अनिल रस्तोगी ने  भावभीनी विदाई दी।