डॉ अ कीर्ति वर्धन की कविताओं का नेपाली अनुवाद ‘अक्षरार्थ’ का लोकार्पण समारोह
गंगटोक (सिक्किम) – सिक्किम की राजधानी गंगटोक में गरिमामयी भव्य कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ कवि लेखक साहित्यकार डॉ अ कीर्ति वर्धन की चुनिंदा कविताओं का नेपाली अनुवाद ” अक्षरार्थ’ का लोकार्पण समारोह सिक्किम की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था” सिक्किम प्रज्ञा प्रतिष्ठान “द्वारा आयोजित किया गया। सिक्किम के प्रतिष्ठित कवि अमर बानियाँ लोहोरो ने इन कविताओं का नेपाली में अनुवाद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री किरण रमाईलो, वरिष्ठ साहित्यकार, समाज सेवी व संगीतकार ने की। सिक्किम राज्य विश्व विद्यालय के उपकुलपति प्रोफेसर गोपाल कुमार निरौला जी मुख्य अतिथि तथा सिक्किम विश्व विद्यालय की डीन डॉ कविता लामा जी तथा जोसेफ लेप्चा जी अध्यक्ष प्रैस क्लब व डॉ अ कीर्ति वर्धन विशिष्ट अतिथि रहे। समारोह में पुस्तक अक्षरार्थ का लोकार्पण किया गया।
सिक्किम राज्य विश्व विद्यालय के उपकुलपति प्रोफेसर निरौला ने अपने उद्बोधन में अनुवाद साहित्य को अत्याधिक महत्वपूर्ण बताते हुये वैदिक कालीन साहित्य के अनुवाद पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि एक राज्य क्षेत्र की विचारधारा को समझने में अनुवाद बहुत महत्वपूर्ण है। लेखकों कवियों का आपस में मिलना प्रेम भाईचारे को बढाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। अनुवादक श्री लोहोरो को बधाई देते हुये कहा कि वर्धन जी की मानवता वादी कविताओं का चयन उन्हें नये मुकाम देगा तथा नेपाली साहित्य को समृद्ध भी करेगा। उन्होंने विश्व विद्यालय में कीर्ति जी की अन्य पुस्तकें मंगाने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर डाक्टर निरौला ने कीर्ति वर्धन जी की बाल पुस्तक सुबह सवेरे की भी चर्चा करते हुये उसे बाल विकास की श्रेष्ठ पुस्तक बताया और उसके नेपाली अनुवाद का आश्वासन दिया।
कीर्ति वर्धन जी ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम सिक्किम प्रज्ञा प्रतिष्ठान के प्रति इस आयोजन के लिए धन्यवाद करते हुये उनको
