मुक्तक/दोहा

दो मुक्तक

करो नित योग, योग भगाये रोग,
प्रकृति से तन-मन का नाता जुड़वाते योग ।
चित्त वृत्तियों को सत राह दिखाये-
गांव-गली, शहर-शहर अलख जगे योग ।।
मानव तेरे मिट जायेंगे सब भोग,
योग दिवस मनाओ मिल सब लोग ।
भारत फिर से विश्व गुरु बन जायेगा-
जीवन खुशहाल बनाता है योग ।।
— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111