कहानी

रैगिंग से हमसफर तक

कॉलेज का पहला दिन था… कॉलेज के गेट पर पहुंचते ही दिल अन्दर से धक-धक कर रहा था, मानो दिल बाहर ही आ जाएगा, यूनिवर्सिटी मे चारों तरफ लड़के अपनी गाड़ियों से आ …जा रहे थे। धीरे-धीरे कालेज के अन्दर की तरफ हम लोगों ने कदम बढाया, तभी एक लड़के को देखकर अनामिका ने धीरे से बड़ी सौम्याता से बोला एक्सक्यूज मी ? क्या आप बताएंगे हिंदी डिपार्टमेंट किधर है,उसने बड़े गौर से अनामिका की तरफ देखा और अनामिका से पूछा क्या आप नई है?
अनामिका ने धीरे से सर हिला दिया। उसका भोलापन देखकर उस लड़के ने एक बड़ी बिल्डिंग की तरफ इशारा किया। अनामिका उस बिल्डिंग की तरफ बढ़ी वहां पहुंचकर जैसे ही वह कमरे में गई वहां बहुत से लड़के लड़कियां बैठे थे, किसी की आवाज अनामिका के कानों में पड़ी, “मुर्गी फसी” इस शब्द के साथ ही, हंसी की आवाज से पूरा कमरा गुज उठता हैं अनामिका घबरा जाती है.। तभी एक लड़का आगे बढ़ता हुआ कहता है” मैडम” आइए आइए आप ही का इंतजार था। अनामिका कमरे में तो आ ही गई थी वो थोड़ा आगे बढ़ कर उनके सामने पहुंचती है। अनामिका को अब समझते देर न लगी कि आज उसकी रैगिंग पक्की है।
सीनियर ने बोला-  मैडम अपका नाम?
अनामिका (धीरे से) – जी अनामिका ।
सीनियर – आप कहां से आए हो?
अनामिका- जी मुजफ्फरपुर से
वह सब मुस्कुरा रहे थे अनामिका सर नीचे किए जवाब दिए जा रहे हैं। अभी तक हम दो ही लोग कमरे में थे,तब तक और भी जूनियर उस कमरे में आ गए। और जूनियर के कमरे में आ जाने से अनामिका का डर थोड़ा कम हुआ। सीनियर्स ने अनामिका को गाना गाने को बोला । अनामिका एनसीसी के स्टूडेंट थी वह बास्केटबॉल में भी बहुत माहिर थीं। गाना भी बहुत अच्छा गा लेती थी। अनामिका ने गाना शुरू किया उसका गाना शुरू होते ही सब मंत्रमुग्ध होकर गाना सुनने लगे पूरी क्लास में सन्नाटा छा गया, सिर्फ अनामिका की मधुर आवाज गूंज रही थी कमरे में, गाना भी बहुत चुन के उसने लिया था….अनामिका ने…..
“उनसे मिली नजर कि मेरे होश उड़ गए”.. गाना खत्म होते ही जोरदार तालियों कि आवाज से पूरा हाल गूंज उठा था, सभी उसकी तारीफ करते नहीं थक रहे थे, अनामिका भी अंदर से प्रफुल्लित हो रही थी,उसे ऐसी उम्मीद ना थी कि आज का यह दिन उसके लिए यादगार बन जाएगा…।
रोहित भी उन्ही सीनियर्स में से एक था रोहित ने आगे बढ़कर अनामिका को अपना परिचय दिया उसके गाने के लिए बधाई दी, तभी किसी ने कहा प्रोफेसर आ रहे है, सीनियर्स पीछे के रास्ते से बाहर निकल गए.., अब कहीं जाकर अनामिका की जान में जान आई थी. सर ने क्लास में आकर अपना इंट्रोडक्शन दिया और हम सब का लिया., क्लास खत्म होने के बाद हम सब बाहर निकले, तभी अनामिका के सामने रोहित आकर खड़ा था , ( अनामिका की सांवली सूरत, तीखे नयन नक्श, ऊपर से चूड़ीदार पैजामा और लंबी लाइट पिंक कुर्ती और भी आकर्षित बना रही थी) उसने अनामिका से पूछा अगर आप बुरा ना माने तो क्या हम अपने फोन नंबर शेयर कर सकते हैं? अनामिका जैसे सम्मोहित हो गई हो उसने तुरंत अपना नंबर रोहित को दे दिया रोहित ने भी अपना नंबर अनामिका को दिया, हम सब यह देखकर बड़े चकित थे जो लड़की नाक पर मक्खी ना बैठने दे वह रोहित को नंबर कैसे दे रही है पर हमने उस बात पर बहुत दिमाग नहीं लगाया…।
रोहित और अनामिका फोन पर एक दूसरे से घंटों बातें करने लगे रोहित कभी-कभी उसके बालों की कभी उसके आंखों के नैन नक्श के बारे में शायरियां सुनाता अनामिका भी सुनती रहती थी, अनामिका को अपनी तारीफ सुनना बहुत अच्छा लगता था..। अनामिका को उसके सपनों का राजकुमार मिल गया था, पूरी यूनिवर्सिटी में वह लव बर्ड के नाम से जाने जाने लगे, अनामिका के मां बाप नहीं थे उसको उसकी मौसी ने ही पाला था, अनामिका ट्यूशन करके अपनी पढ़ाई का खर्चा निकालती थी, यह बात रोहित भी जानता था,रोहित कभी-कभी उसके फॉर्म भरने में पैसे से मदद कर दिया करता था, अनामिका की जिंदगी जैसे आसमान में उड़ रही थी उसके पैर कभी जमीन पर पड़ते ही ना थे, अनामिका के पास अब हम लोगों के लिए कोई वक्त ना था, वह अपनी दुनिया में खोई रहती थी.।
अनामिका का मिलना अब हम लोगों से कम रोहित के साथ ज्यादा समय बिताता था, ज्यादातर वो कैंटीन में या फिर पार्क में नजर आते थे यूनिवर्सिटी के, उन्हें किसी का डर ना होता था अपनी ही दुनिया में मस्त रहते थे, अनामिका और रोहित ने एक साथ रहने का मन बना लिया था, दोनों एक साथ जीने मरने की कसमें खाने लगे, वाकई इनकी जोड़ी हीर, राझे की थी, कोई किसी को इतना कैसे चाह सकता है रोहित अपने मम्मी पापा का इकलौता लड़का था. रोहित के पापा का अपना डायमंड का बिजनेस था, पर रोहित हम दोस्तों के साथ ऐसे रहता था जैसे कि वह एक नॉर्मल परिवार से हो, उसने कभी अपने पैसो का घमंड नहीं दिखाया.।
आज अनामिका बहुत खुश थी, आज अनामिका ने चिकन की कुर्ती सफ़ेद रंग की पहनी थी और हाथो में मिठाई का डिब्बा लिए,जैसे ही कॉलेज में घुसी रोहित के दोस्त उसके पास पहुंच जाते हैं, वह सब को देख कर वह पूछती हैं क्या हुआ? आज तुम सब यहाँ, रोहित कहां है…। सब चुप रहते हैं, अनामिका फिर पूछती है रोहित कहां है? सभी दोस्तों के चेहरे पर उदासी थी,तभी उसका दोस्त अमन बोलता है….. अनामिका बहुत बुरी खबर है,जब कल तुमको रोहित छोड़ कर आ रहा था तो रास्ते में उसका एक्सीडेंट हो गया, वह इस समय शेखर हॉस्पिटल में एडमिट है, अनामिका की आंखों से आंसू निकल आते हैं कुछ बोल नहीं पा रही थी, हाथो से मिठाई का डब्बा नीचे गिर जाता है कुछ देर रुक कर वह कहती हैं मुझे “रोहित के पास ले चलो प्लीज ” अनामिका हॉस्पिटल में रोहित के सामने पहुंचती हैं.. रोहित बिस्तर बेहोश लेटा था, पास में उसके मम्मी पापा भी खड़े थे, रोहित की मम्मी रोए जा रही थी, अनामिका रोहित को देखकर बेहोश होकर गिर जाती है सभी दौड़ कर उसको पकड़ने की कोशिश करते हैं तब तक वह जमीन पर गिर जाती होती है.। तब तक डॉक्टर भी आ जाता है वह नर्स से अनामिका को दूसरे कमरे में बेड पर ले जाने को कहता है…। रोहित एक्सीडेंट में अपना एक पैर खो चुका होता है, अनामिका को जब होश आता है वह रोहित से मिलने भागती है..। रोहित से मिलकर वह रोने लगती है, रोहित उससे भूल जाने को कहता हैं, अमन इसे यहां से ले जाओ,पर अनामिका उससे पूछती है रोहित अगर मेरे साथ ऐसा हादसा होता तो क्या तुम मुझे छोड़ देते बोलो ? अनामिका रोहित एक दूसरे को पकड़ कर रोते जा रहे थे, अनामिका उससे कह रही थी मेरा प्यार शारीरिक नहीं हैं जो तुम्हारे एक अंग गवाने से कम हो जाएगा, मैंने तुमसे दिल से प्यार किया है, तुम मेरे लिए क्या हो यह तुम सोच भी नहीं सकते….।
रोहित ने कहा तुम्हारे घर वाले इस शादी के लिए नहीं मानेंगे, अब इसमें तुम्हारा कोई भविष्य नहीं है तुम घर चली जाओ, मैं अपने आप को नहीं संभाल सकता तो तुमको क्या संभालूंगा, मैं तो अब खुद ही किसी दूसरे पर आश्रित हो चुका हूँ,…. रोहित की आंखों से आंसू बहते जा रहे थे, वह अनामिका की तरफ बिना देखे अपने वाक्यों को बोला जा रहा था, रोहित के अंतर्मन में अंतर्द्वंद चल रहा था, वह अंदर ही अंदर अपने आप से लड़ रहा था…।
अनामिका ने इस समय रोहित से और बात करना उचित ना समझा, अनामिका जानती थी इस समय और बहस करने से रोहित और भी हर्ट होगा..। वह रोते हुए कमरे से बाहर निकलती है और अपने दोस्त अमन को बोला, “अमन” क्या तुम मुझे घर छोड़ सकते हो, अमन ने हां में सर हिला दिया,अमन के साथ वह निकल जाती हैं , रास्ते भर उसके आंसू बंद ना हो रहे थे,घर जाकर उसने रात भर सोचा….। उसकी आंखों से नींद कोसों दूर थी आंखों के समंदर में जैसे बाढ़ आई हो और रुकने का नाम नहीं ले रही थी, अनामिका उस बाढ़ को रोकने का भरसक प्रयास करती है पर आंसू रुकने का नाम ना ले रहे थे, रोते-रोते उसे कब नींद आ गई उसको खुद ही नहीं पता चला.
दूसरे दिन उसकी आंखों के सामने से मन के आसमान के काले बादल छट चुके थे और आसमान उसे साफ नजर आ रहा था. उसने अब डिसीजन ले लिया था.उसने सुबह मौसी से अपनी सारी बात बताई, उनके कुछ बोलने से पहले ही अपना डिसीजन भी सुना दिया। मौसी मैं रोहित से शादी करना चाहती हूँ, आपने मुझे पाला पोसा बड़ा किया आपका हक है मुझ पर….पर इस समय हालात कुछ ऐसे हैं कि मैं आपकी बात को भी नहीं मान सकती, और ना आपका कोई डिसीजन सुनना चाहती हूँ, मैं इस समय रोहित के पास जा रही हूँ और हो सकता है कि लौट के भी ना आऊ। मौसी अनामिका को देख कर अचंभित थी, पर वह अनामिका को बचपन से जानती थी वह जो बात एक बार ठान लेती.., उसको वह कर के ही मानती थी…। मौसी ने अनामिका को समझाया हर चीज का डिसीजन भावुक होकर नहीं लिया जा सकता बेटा …, एक बार ठंडे दिमाग से फिर सोच लो पूरी जिंदगी का सवाल है, अनामिका अपना डिसीजन ले चुकी थी उसने रात भर इसी के बारे में तो सोचा था, उसे मौसी की कोई बात सुनाई नहीं पड़ रही थी. अनामिका इस समय रोहित का दोषी अपने आप को समझ रही थी, ना रोहित उसको छोड़ने आता,ना उसका एक्सीडेंट होता . अनामिका आत्मग्लानि में डूबी हुई थी, अनामिका ने मौसी की बात का कोई जवाब ना दिया. बोली मौसी यह मेरा आखिरी फैसला है..। और घर से निकल गई…।
वह शेखर हॉस्पिटल पहुंच चुकी थी रोहित के मम्मी पापा बाहर ही मिल जाते हैं, अनामिका रोहित की मम्मी को आपका डिसीजन बताती हैं, रोहितकी मम्मी भी उसको समझाती है, बेटा कोई भी डिसीजन भावुक होके नहीं लिया जाता..। आज तुम रोहित पर तरस खाके अपना यें डिसीजन ले रही हो कल को क्या होगा?अनामिका रोहित की मम्मी के पैरों पर गिर जाती है..।
अनामिका बोलती है आंटी मैं भावुक नहीं हो रही हूँ और ना ही तरस खा रही हूँ ,रोहित ने मेरी बहुत मदद की है,मैं बिना मां बाप की बच्ची हूँ, रोहित ने मुझे इतना प्यार दिया हैं अगर मैं रोहित के लिए जान भी दे दूं तो वह भी कम होगा , मेरा यह आखिरी फैसला है मैं रोहित के बगैर नहीं जी सकती,.. मैं उससे बहुत प्यार करती हूं, इस समय कोई भी अनामिका को देख कर रो देता,उसके रोने में दर्द और वेदना थी, और उसको देख कर कोई भी उसकी अंतर वेदना को समझ जाता, अनामिका बोले जा रही थी..
वह रोहित की मम्मी को बताती है, रोहित ने ही मेरा फॉरेस्ट ऑफिसर का फॉर्म डाला था, आज मेरा रिजल्ट निकला हैं फॉरेस्ट ऑफिसर का,आज मैं रोहित को यही गुड न्यूज़ देने वाली थी, की मेरा हो गया है, उससे पहले ही यह बुरी खबर मिली, आंटी मैं दिल से चाहती हूँ रोहित को, बस आप मान जाइये, मैं रोहित को मना लूंगी, आंटी ने भी अनामिका के सामने हार मान ली..।
रोहित आज हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने वाला था.।अनामिका को देखते ही रोहित ने अपना मुंह फेर लिया, अनामिका एक हल्की सी मुस्कान के साथ रोहित के सामने पहुंच जाती है, रोहित के गाल पर एक प्यार भरा किश देती है, और बड़े प्यार से कहती हैं अगर आज मेरी यह हालत होती तों तुम मुझे छोड़ देते क्या? रोहित कुछ नहीं बोलता, अनामिका फिर बोलती हैं ठीक है हमारे बीच ये पैर ही आ रहा है ना, आज मैं भी किसी गाड़ी के नीचे आकर अपना पैर कटवा देती हूँ, फिर तो तुम मुझसे शादी करोगे, रोहित फूट-फूटकर रोने लगता है प्लीज ऐसा मत बोलो,मैं सपने में भी ऐसा नहीं सोच सकता हूँ , अनामिका भी रोहित से लिपट कर रोने लगती हैं, रोहित मैं तुम्हारे बगैर अपना जीवन सोच भी नहीं सकती, तुम नहीं जानते तुमने मुझे कितना मेंटली स्ट्रांग किया है, आज तुम्हारे ही कारण मेरा फॉरेस्ट ऑफिसर बनने का सपना पूरा हुआ है, आज अगर तुमने मुझसे शादी के लिए हाँ नहीं की तों अपनी जान दे दूगी….।
रोहित अनामिका को हां कर देता है, आज अनामिका और रोहित लवबर्ड एक साथ है हम सब दोस्त उनकी सलामती की दुआ मांगते रहते हैं, अनामिका ने वो कर दिखाया जहां बड़े बड़ो की हिम्मत हार जाती है।

लूट लेना या लुट जाना, यही तो इश्क की पहचान है,कौन देखता है मोहब्बत में,नफा है कि नुकसान है

— साधना सिंह स्वप्निल

साधना सिंह "स्वप्निल"

गोरखपुर में मेरा ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है, मेरी शिक्षा लखनऊ यूनिवर्सिटी से हुई है, मैंने एम ए सोशल वर्क से किया है, कंप्यूटर से मैंने डिप्लोमा लिया है