गीत/नवगीत

ये नोटों की मशीन है

ये तेरा दल ये मेरा दल

हो हाथ झाड़ू या कमल

जहाँ मिले मलाइयाँ

वहीं को चल वही को चल।

ये तेरा दल ये मेरा दल

ये नोटों की मशीन है,

विचारधारा होती क्या

ईमान भी क्या चीज है,

जहां पे फायदा बड़ा

वो दल हमें अज़ीज़ है,

के कुर्सियों का लोभ है

हाँ दबदबे की चाह है,

ये कुर्सी और दबदबा

मिले तो लूं मैं दलबदल।

ये तेरा दल ये मेरा दल

ये नोटों की मशीन है।

न हैं जवाबदेहियाँ

न कोई जिम्मेदारियां,

इधर भी अपनी यारियां

उधर भी अपनी यारियां,

हों यारियों से लाभ वो

कि सात पुश्तें खाए जो,

बन के फिर फ़क़ीर हॉं

उठा के झोला देंगे चल।

ये तेरा दल ये मेरा दल

ये नोटों की मशीन है 

— मुकेश जोशी ‘भारद्वाज’

मुकेश जोशी 'भारद्वाज'

पता - ग्राम - टकौरा, पोस्ट ऑफिस - ऐंचोली, जिला - पिथौरागढ़, उत्तराखंड, 262530 मोबाइल नंबर - 9719822074 व्यवसाय - शिक्षक प्रकाशित कृतियाँ - हिंदी से हम, सृजन के फूल, चंद्रयान साझा काव्य संग्रह, सहित्यनामा पत्रिका में समय समय पर कविताएं प्रकाशित।