कविता

कैसे बनेगा विकसित भारत

भारत अपना देश है
पग पग पर सन्देश है

आये महावीर आये बुद्ध
आये नानक कबीर प्रबुद्ध
रैदास ने गाये गीत
जाति मिटाने की दी सीख

अपनी संस्कृति को भूल कर
हुआ देश अपना परतंत्र
मिटा गौरव विलुप्त हुआ ज्ञान
किन्तु नहीं लिया संज्ञान

किया सेनानियों ने अथक संघर्ष
गांधी नेहरू पटेल आंबेडकर
जाति क्षेत्र की दीवारें तोड़ी
नई मंजिल की ओर धारा मोड़ी

आजादी मिली देश आगे बढ़ा
लेकिन कुछ लोग अभी भी पिछड़ रहे
सबको साथ रखने का नारा
अब भी लोग क्यों भूल रहे

देश को जो विकसित बनाना है
सबको साथ में चलना होगा
पूरा करने विकसित राष्ट्र का सपना
स्वयं दीप बनकर जलना होगा।

— रीना कुमारी

रीना कुमारी

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