कविता

सैनिक का अरमान

करेंगे बेमिसाल कारनामे तेरी शान में
आंच न आने देंगे तेरी आन में
लड़ेंगे हर हाल में
लड़ते रहेंगे आखिर सांस तक
तेरी आन की खातिर, ऐ तिरंगा!
लड़ते हुए जान चली जाए तो
लिपटा लेना अपने दामन में
यही मेरा अरमान है
यही सैनिक का अरमान है
यही शहीद का सम्मान है।

— गीता लिम्बू

गीता लिम्बू

शिलांग 6