हास्य व्यंग्य

झूठ के रंग 

मेरे मित्र भाई भरोसे लाल मुझे अक्सर कहते रहते हैं कि झूठ के पैर नहीं होते हैं पर मैं उनकी यह बात उनके सामने तो मान भी लेता हूं  क्योंकि वह कुछ कुछ सही भी कहते हैं कि झूठ के पैर नहीं होते पर मुझे उनकी यह बात आधी अधूरी लगती है क्योंकि झूठ के पैर बेशक नहीं होते पर उसके हवाई जहाज होते हैं, हेलीकॉप्टर होते हैं ,बढ़िया-बढ़िया लग्जरी कारें होती हैं और  रेल के फर्स्ट क्लास डिब्बों में सफर भी होता है । बेशक झूठ के पैर नहीं होते पर ये चीज तो झूठ के पास होती ही हैं ।इसमें किसी को कोई संदेह यानी शक हो तो मुझसे संपर्क कर लेना ,मैं उन्हें ऐसे ऐसे झूठ  बिना सिर पैर वाले दिखा दूंगा ,जिन पर यह सब चीज होती हैं ।

 पर केवल झूठ अपने बिना पैरों के ही के लिए ही प्रसिद्ध थोड़ी है अपितु उसके तो अनेक और रूप भी होते हैं और उसके यानी झूठ के कई रूप तो बहुत ही मनमोहक भी होते हैं ।सुंदर भी लगते हैं । खूब बहकाते भी हैं। पर होते तो वे वे  भी झूठ ही हैं जैसे आप मन ही मन किसी को चाहने लगते हैं और पता नहीं मन में क्या-क्या लड्डू फोड़ने लगते हैं और मन ही मन में ख्याली पुलाव  पकाने लगते हैं जो केवल झूठ होते हैं। कितना अच्छा लगता है यह मनमोहन झूठ।

 पर यह झूठ जहां मनमोहक होते हैं वहीं गुलाबी और लाल भी होते हैं आखिर झूठ को बिना पैर का ही क्यों रहने दिया जाए  बेचारे के साथ इतना अन्याय तो नहीं करना चाहिए ।क्योंकि वह तो कई कई रंगों का होता है।जब आप गुलाब का फूल लेकर किसी को देने के लिए भटकते रहते हैं और कोई इसे ले भी ले परंतु यह आवश्यक नहीं कि आपका यह फूल उसने मन से ही लिया है पर आप तो इस गुलाब के गुलाबी  झूठ में ही खुश होते रहते हैं ।पर यह  गुलाबी झूठ आपको कुछ समय तक तो खुश किए ही रहता है।

  झूठ गुलाबी ही नहीं पीला भी होता है और यह पीला यानी पीत झूठ तो बहुत खतरनाक भी होता है जो लोग पीत झूठ का सहारा लेते हैं वे अपना फायदा तो खूब कर लेते हैं पर वह समाज और  राजनीति में  दूसरे पक्ष तथा कभी-कभी तो देश को भी बहुत नुकसान करते हैं। पर इसी झूठ के आगे सत्ता पक्ष भी नतमस्तक हुए बिना नहीं रहता है ।वह चाह कर भी कुछ नहीं कर पता है और यदि कभी कोई कुछ करता भी है तो लोग उसके ही विरुद्ध खड़े हो जाते हैं। 

पर इस से आगे एक खतरनाक झूठ और होता है जो सब झूठ से ऊपर होता है ।यह झूठ पैसे के बल पर खूब चल भी जाता है ।बेशक उसके पैर हो या न हों, पर यह झूठ देश के लिए तो बहुत ही खतरनाक होता है।  ऐसे झूठ के साथ दूसरे देश के लोग या सरकारें भी  बड़ी चालाकी से छुप-छुप कर खड़े  होते हैं ।वे  बेशक सामने नहीं आते पर वे  इस खतरनाक झूठ को बढ़ावा भी खूब देते हैं।  इसे फैलाने  के लिए मंदबुद्धि नेताओं को अपने यहां बुलाते हैं अपने  विश्वविद्यालयों वे इन नेताओं के भाषण  छात्रों के सामने  भी  करवाते हैं। उनके ही देश के बारे में अनाप-शनाप उल्टे सीधे आरोप लगवाते हैं और देश को इसकी बहुत बड़ी हानि होती है यानी बहुत  कीमत चुकानी पड़ती है तो बताओ यह खतरनाक वाला झूठ कितना खतरनाक होता है। यदि आप देशभक्त हैं तो आपको इस  खतरनाक वाले झूठ का जरूर विरोध करना ही चाहिए। 

पीले ही झूठ की तरह ही एक और  काला यानी ब्लैक झूठ भी होता है यह वैसे तो सीधा किसी को नुकसान नहीं पहुंचता पर अंदर ही अंदर दीमक की तरह देश को खाकर खोखला  करता रहता है। पर इसे लोग काला झूठ नहीं कहते हैं अपितु लोगों ने इसका नाम  दो नंबर रख दिया है। पर यह दो नंबर बड़े-बड़े चमत्कार दिखाता है। यह बड़ी-बड़ी पार्टियों को अपने चंगुल में किये  रहता है उनके यहां पार्टियों में या शादियों में जाना बड़े 2 लोग अपनी शान समझते हैं और इन्हें वह कई तरह के फायदे करते रहते हैं क्योंकि ये भी उन्हें खूब फायदा करते रहते हैं या कहें कि यह  एक नंबर भी  दो नंबर के सहारे चलता रहता है यानी यह दोनों एक दूसरे के सहारे ही रहते हैं इसलिए इन्हें कोई ज्यादा कुछ कहता नहीं है। 

काले पीले झूठ के बाद एक नीला झूठ भी होता है  यह युवाओं को  अपनी ओर अधिक खींचता  है और युवा ही नहीं कुछ तो  अधेड़ भी  इस नीले यानी ब्लू झूठ में फंसते  रहते हैं और कई बार तो ऐसे फंसते  हैं कि निकल ही नहीं पाते हैं और अब तो यह नीला झूठ मोबाइल  पर तो  खूब चल रहा है और  इसके सहारे कुछ लोग लाखों नहीं करोड़ों रुपए रोज काम भी लेते हैं यह नीला झूठ इतना अधिक कारगर है कि इस में  बड़े-बड़े तीस मार खां  भी फंस  जाते हैं और चुपचाप जीवन भर की कमाई को दूसरों को सौंपने के लिए मजबूर हो जाते हैं। 

इसके अलावा एक और झूठ होता है वह है सफेद झूठ। यह झूठ भी काम नहीं है यह भी काले पीले गुलाबी आदि झूठ  की तरह ही है। यह झूठ ज्यादातर पहले तो घरों में विवाद बढ़ने के लिए प्रयोग होता था और परिवारों को उजाड़ देता था पर  कई ईर्ष्यालु लोग दूसरों का घर उजाड़ने के लिए भी इसका ज्यादा प्रयोग करते हैं और वह इस सफेद झूठ के सहारे अच्छे भले परिवार को भी बर्बाद कर देते हैं। पर अब यह झूठ अपना और भी विस्तार कर रहा है और बाकी काले पीले नीले सभी झूठे पर भी भारी पड़ रहा है। 

 पर कुछ झूठ और भी बड़े होते हैं  ये  झूठ बड़े धार्मिक भी होते हैं पर वह किसी का नुकसान नहीं करते हैं अपितु  तो फायदा ही करते हैं जैसे लोग एक दूसरे को झूठ बोलते रहते हैं कि चलो भगवान की ऐसी ही मर्जी थी और इस झूठ को सुनकर सुनने वाला भी और सुनाने वाले   का भी मन थोड़ा हल्का हो जाता है।  उसे तसल्ली सी मिल जाती है।  पर इस धार्मिक झूठ का कई  लोग बिना बात का फायदा भी उठा लेते हैं वह इसके सहारे दूसरों को लूट लूट कर अपना घर भरते रहते हैं। वह कहते हैं यह मंत्र जाप या यह टोना टोटका हमसे करवा लो लक्ष्मी जी आप पर बरसने लगेगी पर लक्ष्मी तो उतनी ही आएगी जितने आपके कर्म होंगे  पर हां इन्हीं मक्कारों  के घर जरूर चली जाएगी। फल तो आपको कर्म  का ही मिलना है जो मिल कर ही रहता है। इनके झूठ बहकाने से कुछ नहीं होता झूठ बोलने से होगा तो किसी का कुछ भी नहीं पर उनका परलोक तो जरूर खराब होगा। 

इस के आलावा  कुछ झूठ बड़े शांति स्थापना  के लिए होते हैं यह झूठ बेशक झूठ होते हैं पर यह बहुत अच्छे होते हैं क्योंकि सारी बातें घर में सही सही  थोड़ी बताते हैं कुछ बातों की  तो झूठ बोल ही देते हैं जिससे घर में शांति बनी रहे और यदि  आप सारी बात  ही सही बताने लगे तो घर में रोज महाभारत ही चला रहे।  इसलिए झूठ इतना भी बदनाम नहीं है अपितु कई बार तो यह शांति भी स्थापित करता है और कई बार लगी हुई आग को भी बुझा देता है। झूठ का कितना अमूल्य योगदान भी तो है क्योंकि झूठ को हम हमेशा गलत ही  मत मानते रहें यह तो सरासर झूठ के साथ अन्याय है।  जिससे शांति स्थापित हो उस  झूठ को मैं बहुत महान मानता हूं। ऐसा झूठ बोला जा सकता है। यह मैं नहीं कहता भगवान जी कहते हैं क्योंकि भगवान जी ने भी ऐसे ऐसे झूठ  का सहारा  धर्म  की स्थापना के लिए कई बार  लिया है। अब ऐसे झूठ बोलने से होगा तो कुछ भी नहीं पर क्या पता  परलोक  खराब हो जाएगा पर क्या पता यह  परलोक की बात झूठी है या सच्ची मैं  आपको नहीं बता सकता क्योंकि अभी मैं वहां गया नहीं हूं और चला गया तो वहां से वापस नहीं आऊंगा और इसलिए आप मेरी इस बात पर यकीन मत करें आपको जो करना है वह करें। 

— डॉ वेद व्यथित 

डॉ. वेद व्यथित

ख्यात नाम : डॉ. वेद व्यथित नाम : वेद प्रकाश शर्मा जन्म तिथि : अप्रैल 9,1956 शिक्षा : एम्० ए० (हिंदी ),पी एच ० डी० शोध का विषय "नागार्जुन के साहित्य में राजनीतिक चेतना मेरठ विश्व विद्यालय मेरठ वर्तमान पता : अनुकम्पा -1577 सेक्टर -3 ,फरीदाबाद -121004 फोन नम्बर : 0129-2302834 , 09868842688 ईमेल : dr.vedvyathit@gmail.com Blog : http://sahiytasrajakved.blogspot.com सम्प्रति : अध्यक्ष - भारतीय साहित्यकार संघ (पंजी ) संयोजक - सामाजिक न्याय मंच (पंजी) उपाध्यक्ष - हम कलम साहित्यिक संस्था (पंजी ) शोध सहायक - अंतर्राष्ट्रीय पुनर्जन्म एवं मृत्योपरांत जीवन शोध केंद्र इंदौर ,भारत परामर्श दाता - समवेत सुमन ग्रन्थ माला सलाहकार - हिमालय और हिंदुस्तान विशेष प्रतिनिधि - कल्पान्त सम्पादकीय परामर्श - ब्रह्म चेतना सम्पादकीय सलाहकार - लोक पुकार साप्ताहिक पत्र संस्थापक सदस्य - अखिल भारतीय साहित्य परिषद ,हरियाणा प्रान्त पूर्व सम्पादक - चरू (साहित्यिक पत्र ) पूर्व प्रांतीय सन्गठन मंत्री - अखिल भारतीय साहित्य परिषद परामर्श दाता : www.mohantimes .com (इ पत्रिका ) जापानी हिंदी कवि सम्मेलनों में सहभागिता अनुवाद : जापानी,रुसी ,फ्रेंच , नेपाली तथा पंजाबी भाषा में रचनाओं का अनुवाद हो चुका है प्रकाशन : मधुरिमा (काव्य नाटक ) १९८४ आखिर वह क्या करे (उपन्यास )१९९६ बीत गये वे पल (संस्मरण )२००२ आधुनिक हिंदी साहित्य में नागार्जुन (आलोचना )२००७ भारत में जातीय साम्प्रदायिकता (उपन्यास )२००८ अंतर्मन (काव्य संकलन )२००९ न्याय याचना (खंड काव्य ) 2011 साहित्य पर शोध : 'बीत गए वो पल' संस्मरण में सामाजिक चेतना कुरुक्षेत्र विश्व विद्यालय कुरुक्षेत्र 'आखिर वह क्या करे ' उपन्यास में अन्तर्द्वन्द की अवधारणा विनायक मिशन्स विश्व विद्यालय तमिल नाडू 'भारत में जातीय साम्प्रदायिकता ' उपन्यास में सामाजिक बोध krukshetr विश्व विद्यालय 'मधुरिमा' काव्य नाटक पर शोध कुरुक्षेत्र विश्व विद्यालय नवीन सर्जन : * "व्यक्ति चित्र " नामक नवीं विधा का सर्जन किया है * "त्रि पदी" काव्य की नई विधा का सर्जन किया है अन्य *कुरुक्षेत्र विश्व विद्यालय में आयोजित एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में अंतिम सत्र की अध्यक्षता * शताधिक साहित्यिक समारोह व गोष्ठियों की अध्यक्षता की है अंर्तजाल (Internet) पर प्रकाशित विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशन : www.pravasiduniya.com www.sahityashilpi.com www.p4poetry.com http://sakhikabira.blogspot.com http://aakhrkalsh.blogspot.com http://blog4varta.blogspot.com http://utsahi.blogspot.com www.chrchamnch.com www.janokti.com www.srijangatha.com www.khabarindya.com etc. सम्मान : साहित्य सर्जन के लिए "समाज गौरव "सम्मान भारतीय साहित्यकार संसद द्वारा "मोहन राकेश शिखिर सम्मान पत्रकार विश्व बन्धु सम्मान युवा कार्यक्रम एनम खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सम्मान हिमालय और हिंदुस्तान एवार्ड हरियाणा सरकार द्वारा आपात काल के विरुद्ध किये संघर्ष के लिए ताम्र पत्र से सम्मानित विभिन्न विधाओं में निरंतर लेखन....