ज्ञानीचोर को मिली पीएचडी उपाधि
नवोदित युवा साहित्यकार ज्ञानीचोर को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित हुए। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर से हिंदी साहित्य के ‘सप्तक और काव्यशास्त्रीय उपागम’ विषय पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टोंक के डॉ. प्रमोद शर्मा के निर्देशन में अपना शोध कार्य पूर्ण किया। वर्तमान में राजकीय कन्या महाविद्यालय अजीतगढ़ सीकर में अतिथि सहायक आचार्य के रूप में कार्यरत है। इनका वास्तविक नाम ‘राजेश कुमार बिंवाल’ राजस्थान के सीकर जिले के रघुनाथगढ़ गाँव के निवासी है परन्तु साहित्य और लेख ‘ज्ञानीचोर’ नाम से लिखने के कारण इन्हें साहित्य जगत में इसी उपनाम से ही जाना-पहचाना जाता है। जय-विजय पत्रिका के नियमित पाठक और लेखक व कवि है। पत्रिका परिवार इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।
