गीत/नवगीत

गीत

खुद के अलावा किसी से प्यार ना करो,
मीठी बातों में आकर यूँ ऐतबार ना करो।

खालीपन का ताज सदा सिर पर सजेगा,
दुनिया के तानों का ढोल पल पल बजेगा,
फूलों की चाहत में कांटे ही कांटे मिलेंगे,
तेरा हाथ थामने वाला ही तुझको तजेगा,
बनकर अंधे अपनी हदें तुम पार ना करो।
मीठी बातों में आकर यूँ ऐतबार ना करो।

झूठे वादों पर भरोसा करके रोना पड़ेगा,
अपनों से क्या, खुद से हाथ धोना पड़ेगा,
तन्हाई में चीखोगे चिल्लाओगे बहुत तुम,
दिल में गमों का बोझा रोज ढोना पड़ेगा,
खुद को खुद की नजरों में शर्मसार ना करो।
मीठी बातों में आकर यूँ ऐतबार ना करो।

जज्बातों से खेलकर बदनाम कर जाएंगे,
वो रोशनी दिखाकर अंधकार भर जाएंगे,
“विकास” झेलता आ रहा है दर्द दशकों से,
दर्द ये कम नहीं होगा हम ही मर जाएंगे,
खींच लो कदम उल्टे अब विचार ना करो।
मीठी बातों में आकर यूँ ऐतबार ना करो।

— डॉ. विकास शर्मा

डॉ. विकास शर्मा

Shastri Nagar Rohtak C/o लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल्स, नजदीक केडीएम स्कूल, फ्रेंड्स कॉलोनी, सोहना - 122103 Mob. No. - 9996737200, 9996734200

Leave a Reply