गीत
इस ज़िंदगी के पट से जब सारे रंग रुख़सत हो गए,तो मुक़द्दर ने हथेली पर चंद रंगीन गोलियाँ रख दीं।
Read Moreकुछ सतरंगी ख्वाब चुनकर लाया हूँ,दिल अपना तेरे लिए लेकर आया हूँ।कहीं तुम ठुकरा ना दो ये गुलाब मेरा,बस यूँ
Read Moreमाथे पर सजा लाल तिलक लगे ऐसा, जैसे उगते सूरज की लाली हो,चेहरे की यह खिली मुस्कान लगे ऐसी, जैसे
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