विज्ञान

एलियन का यान 3 आय एटलस बाहरी दुनिया का घुमक्कड़ यान है

ये यान आया और सबको अचरज में डाल कर चला गया।नासा ने टेलिस्कोप के द्वारा यह ज्ञात किया कि ये हमारे सौरमंडल का नहीं है ये बाहरी दुनिया से आया हुआ यान है | एलियन का यान 3 आय एटलस जिसे वैज्ञानिकों ने नया नाम दिया है |अंतरिक्ष से कोई भी यूएफओ अधिकतर देशों को आता हुआ दिखाई देता तो वो उपग्रह, रडार से कैसे बच के निकल जाता है।कहने का मतलब सुरक्षा प्रबंधन अंतरराष्ट्रीय स्तर इससे सुरक्षा की क्या व्यापक व्यवस्था।ये वर्षों से गुत्थी सुलझ नहीं पाई है।कई फिल्में कहानियां, यूएफओ पर बन चुकी है। अमेरिका का 51 एरिया भी एलियन,यूएफओ रहने का प्रतिबंधित बता कर दुनिया को भ्रमित किया जा रहा है।एलियन यान 3 आई एटलस को 1 जुलाई 2025 चिली में स्थित टेलीस्कोप ने पहली बार इस अनोखी वस्तु की झलक पकड़ने का दावा किया गया था। जब वैज्ञानिकों ने इसकी गति और कक्षा का विश्लेषण किया,तो वे हैरान रह गए। यह न तो सूर्य की परिक्रमा कर रहा था और न ही भविष्य में वापस लौटने वाला था। इसकी कक्षा हाइपरबोलिक है यानी यह सीधे गुजर रहा है और फिर हमेशा के लिए हमारी सौर प्रणाली से बाहर चला जाएगा। इसकी कक्षा हाइपरबोलिक है यानी यह सीधे गुजर रहा है और फिर हमेशा के लिए हमारी सौर प्रणाली से बाहर चला जाएगा।

3 आय एटलस का नाभिक लगभग 400 मीटर से लेकर 5 किलोमीटर के बीच बताया जा रहा है। इसके चारों ओर गैस और धूल का सुंदर बादल फैला हुआ है जो सूर्य के पास आने पर बर्फ पिघलने से बनता है। लेकिन इसकी सबसे अनोखी बात है इसकी रासायनिक संरचना:में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा असामान्य रूप से अधिक है। वैज्ञानिकों को इनमें निकल जैसे भारी तत्वों के निशान भी मिले हैं।इसका रंग और चमक इसे बाकी सभी धूमकेतुओं से बिल्कुल अलग बनाते हैं। नासा और इएसए के मुताबिक, यह अब तक देखा गया “सबसे विचित्र” धूमकेतु हो सकता है |यह भविष्य में वापस नहीं आएगा?3 आय एटलस सूर्य के पास से गुजरने के बाद सौर प्रणाली को हमेशा के लिए छोड़ देगा। यह किसी और तारों के बीच की अनजान यात्रा पर निकल पड़ेगा शायद किसी दूसरी सभ्यता के आसमान में दिखने वाला एक छोटा-सा धूमकेतु बनकर।ऐसा वैज्ञानिको का मानना है | 3 आय एटलस एक खगोलीय रहस्य है जो ब्रह्मांड की अनंतता और विविधता की झलक देता है। यह हमारे वैज्ञानिकों के लिए ब्रह्मांड की कॉस्मिक डीएनए को समझने का अवसर है और हमारे लिए यह याद दिलाने वाला पल कि ब्रह्मांड सिर्फ ऊपर नहीं हर दिशा में अनंत है।

इतना होने के बावजूद जिसका पृथ्वी के पास से गुजरने का विस्तृत ब्यौरा दुनिया के सामने आना बाकी है।अब देखना है कि वैज्ञानिकों द्वारा खोजा गया पृथ्वी की और आता हुआ यूएफओ सच होगा या विदेशो द्वारा प्रतिवर्ष नवंबर दिसंबर में फैलाए जाने वाला फंडा कितना सच होगा |यहाँ भी रोचक पहलू होगा | ऐसी अनोखी घटनाएं पूर्व में भी सुर्खियों में आई थी|

अमेरिका की धरती पर भारतीय यंत्र बना दिखाई दिया।जिसकी लंबाई किलोमीटर में थी। संबंधी खबर पढ़ी।देश विदेश में कई आश्चर्यजनक निर्मित आकृतियां,मंदिर आदि बने हुए देखे गए।जोकि इंसानों द्वारा निर्मित नहीं हो सकते।ये बाहरी दुनिया एलियंस द्वारा निर्मित हो सकते है।शायद इन्हे निर्मित करने का उद्देश्य धरती पर पहचान स्वरूप चिन्ह अंकित करने का रहा हो यूएफओ ,एलियन प्रकाश के माध्यम से आना जाना करते।उनकी रफ्तार इतनी ज्यादा होती की वो आज तक धरती वासियों की पकड़ से दूर रहे है।इसलिए इनके द्धारा बनाई जाने वाली चीजों को हम आश्चर्य के रूप में देखते आए है। इन पर शोध करने की गति भी काफी धीमी है|

धरती के दूसरे सबसे निकट के सौरमंडल में परिक्रमा कर रहे ग्रह बनार्ड पर भी जीवन के संकेत नजर आए है | इस ग्रह का नाम जीजे -699 दिया गया | ग्रहों की खोज में धरती से बढ़िया जीवन वाला ग्रह नहीं मिला | क्योकि इसमें धरतीवासियों के लिए जो आवश्यकता चाहिए वो सब है | एक जानकारी के मुताबिक वैज्ञानिक वर्षो से ग्रहों और उपग्रहों पर जीवन तलाशने में जुटे है | कई बार अंतरिक्ष में जीवन की संभावनाओं का संकेत भी मिला है |अगर वाकई शोधकर्ता खोज करने में सफल रहते है तो पृथ्वी पर रह रहे मनुष्य काफी उत्साहित होंगे |ग्रह एवं एलियंस खोज वर्षो से जारी है | कुछ दिनों पूर्व नार्वे स्थित मैसेजिंग एक्सट्राटेरेस्ट्रायल इंटेलिजेंस के वैज्ञानिकों ने एलियन को पिछले वर्षों में भेजा संदेश जिसमे गणना ,अंकगणित और ज्यामिति से जुडी सूचनाओं के साथ घडी देखने की तकनीक के अलावा वहां पर पानी या जीवन होने का पता लगाना भी प्रमुख था|देखा जाए तो यूएफओ और एलियंस के वीडियो व् उसपर आधरित काल्पनिक फिल्मे एवं सोशल मिडिया पर आये दिन यूएफओके वीडियो वायरल होते है जिन्हें कई वर्षो से देखते आ रहे है |

प्रश्न सोचने को मजबूर कर देता है की अमेरिका व् अन्य देशों के पास कई तरह की मिसाइल जैसे हवा से हवा में मार करने वाली है एवं तेज रफ़्तार के वायुयान तथा अन्य सक्षम ,सशक्त टेक्नॉलॉजी मौजूद होने के बावजूद यूएफओ और एलियन को आज तक क्यों नहीं पकड़ पाये?|भारत में इनके देखे जाने की घटनाएं ज्यादा सुर्ख़ियों में नहीं आई है |क्या इनकी टेक्नालॉजी धरतीवासियो के टेक्नालॉजी से कई गुना ज्यादा है ?अमेरिका कारिया 51 से एलियंस ककया सम्बन्ध यही | बरमुंडा त्रिकोण क्या एलियंस का अड्डा है ?| उड़नतस्तरी के कई आकार और आकाश में प्रकाश का कई गोलाकार रूप में चमकना और विलुप्प्त होना, खेतों और चट्टानों पर कई किलोमीटर की तरह -तरह की डिजाइन निर्मित होना, मंदिरों की नक्काशी और पेचीदा डिजाइन जो आज के युग में संभव नहीं बनाना आदि कई ऐसी चीजे दिखने को है जिन्हेंदेखकर लोग दांतों तले ऊँगली दबा लेते है | स्पष्ट तौर पर यह समझ में आज तक नहीं आया की अंतरिक्ष की दुनिया में अनगिनत छोटे बड़े ग्रह है ,आकशगंगा,ब्लेकहोल और पृथ्वी से कई गुना ,सूर्य जैसे तापमान वाले विशाल तारे गुरुत्वाकर्षण से बंधे हुए करोडो वर्षो से कक्ष ,धुरी में अपनी भूमिका निभाते आरहे है

पृथ्वी पर इंसानों की तरह अन्य ग्रहों पर रहवासी हो सकते है ,उनका रहन सहन ,क्या खाते होगें,उनके परिवार कैसे बनता होगा ? ये सब बातें खोजने के लिए शायद करोडो वर्ष लगेंगे उस दिशा में सभी देशों की चाल चींटी की चाल साबित हो रही है |एलियंस की सही और तथ्यात्मक तलाश और नए ग्रहों पर जीवन की पूर्ण संभावनाएं खुले तौर पर स्पष्ट हो ताकि शिक्षा के पाठ्यक्रमों से जोड़ा जाकर ज्ञानार्जन में वृद्धि हो सके |

— संजय वर्मा

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच