मेरा चाँद
चाँद-सितारे भर मुट्ठी में
तेरी मांग सजाने आया
बादलों का पर्दा जरा हटा लो
सितारों से कहने आया
मुखड़ा दिखे जब गौरी का
चकोर को ये बताने आया
मेरा चाँद तेरे चाँद का
रूप होता एक ये दिखाने आया|
— संजय वर्मा “दृष्टि”
चाँद-सितारे भर मुट्ठी में
तेरी मांग सजाने आया
बादलों का पर्दा जरा हटा लो
सितारों से कहने आया
मुखड़ा दिखे जब गौरी का
चकोर को ये बताने आया
मेरा चाँद तेरे चाँद का
रूप होता एक ये दिखाने आया|
— संजय वर्मा “दृष्टि”