राजनीति

विश्वास नहीं होता लेकिन ये सच है

एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं जिनका नाम है जितेंद्र प्रताप सिंह वो सऊदी अरब गए । उनके साथ ज्यादातर सहयात्री भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान के मुसलमान थे ।

जितेंद्र प्रताप सिंह जी को लगा था कि हर हवाई अड्डे और स्टेशन पर, यहां जहां भी महत्वपूर्ण स्थल हैं जहां उनकी जमकर चेकिंग की जाएगी क्योंकि वो हिंदू है लेकिन वो ये देखकर हैरान रह गए कि उनकी ज़रा भी चेकिंग नहीं की गई सिर्फ हिंदू नाम देखकर ही उनको हर जगह जाने दिया गया । लेकिन जितेंद्र प्रताप सिंह को असली हैरानी तब हुई जब उनके साथ आए भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुसलमानों की नंगा करके चेकिंग की गई । जिन मुसलमानों के नाम के आए खान या हसन लगा था उनकी तो जांच के नाम पर अंडरवियर तक उतरवा ली गई । ये दृश्य देखकर उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों पर तो सऊदी अरब की सरकार भी भरोसा नहीं करती है ।

ज़रा इस बात पर गौर कीजिए कि 2018 में अमेरिका मेें पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी है की जांच सैकड़ों लोगों के सामने नंगा करके की गई थी । इसके वीडियो भी मौजूद हैं ।

जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तब वो पूरी कैबिनेट के साथ अमेरिका गए थे । आजम खान उनके साथ थे । सबको तो जाने दिया गया लेकिन आजम खान को नंगा करके जांच की गई और उनके अंग विशेष में एंडोस्कोपी घुसेड़कर देखा गया कि कहीं इन्होंने पेट में कोई बम तो नहीं छुपा रखा है । उसके बाद आजम खान ने भारत आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अब मैं जिंदगी में कभी अमेरिका नहीं जाऊंगा ।

एक और घटना की बहुत चर्चा हुई थी जब जांच के दौरान अमेरिका में मुस्लिम लड़की की योनि के पास कुछ उभार महसूस हुआ । उस लड़की ने बताया कि वो पीरियड में है और पैड लगाया हुआ है लेकिन इसके बावजूद उसके पैड तक उतरवाकर जांच की गई । आप समझ सकते हैं कि सऊदी अरब से लेकर अमेरिका तक जिहादियों ने अपनी क्या छवि बना रखी है कोई इन पर भरोसा नहीं करता है ।

इसकी वजह ऐतिहासिक भी है । इस्लाम के प्रचार प्रसार के लिए बादशाहों और सुल्तानों की नीति थी कि जेलों में बंद हजारों अपराधियों को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया जाता था क्योंकि वो इस्लाम को स्वीकार कर लें । औरंगजेब ने देश में लाखों अपराधियों को इस्लाम स्वीकार करने की शर्त पर रिहा कर दिया था । लेकिन इनके डीएनए में अपराध था वो आज भी नजर आता है । औरंगजेब के राज की इस घटना का जिक्र एक मुस्लिम इतिहासकार एम ए खान की किताब इस्लामिक जिहाद के पेज नंबर 109 पर मिलता है ।

सोचिए वही सऊदी अरब और तमाम इस्लामी मुल्क जो एक हिंदू हृदय सम्राट नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से नवाज कर गले लगाने को बेकरार रहता है रेड कार्पेट बिछाता है वही सऊदी अरब भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों की जांच नंगा करके करता है । इससे एक बार फिर ये साबित होता है कि सऊदी अरब का शेख ये बात जानता है कि जिन्होंने तलवार के डर से सलवार पहनी और जिन्होंने सिर कटाकर धर्म की रक्षा की, दोनों में फर्क है । एक अरब कल्चर के गुलाम हैं और दूसरे सनातनी स्वाभिमानी है

(फेसबुक से साभार)