राजनीति

यह होता है विपक्ष

India Today पर राजदीप सरदेसाई ने इजरायल के विपक्ष के नेता Yair Lapid को एक इंटरव्यू में घेरने की कोशिश करते हुए सवाल किया कि क्या आप ईरान में इज़रायल की कार्रवाई का समर्थन करते हैं।राजदीप ने सोचा था शायद Lapid भी राहुल गांधी है जो नेतन्याहू पर बरस पड़ेगा लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा।Lapid ने जवाब दिया अमेरिका और इज़रायल ने जो किया वह सही है और पूरा इज़रायल युद्ध में जीत चाहता है।राजदीप ने फिर पूछा कि जीत का क्या मतलब है,खामनेई की मौत या ईरान में सत्ता परिवर्तन?इसका जवाब सुनकर राजदीप की हवा निकल गई?Lapid ने कहा ईरान इजरायल का अस्तित्त्व मिटाना चाहता है और हम उसके पास कोई ऐसा हथियार नहीं छोड़ सकते जो इजरायल को खतरे में डाल दे।
इसी तरह इंडिया टुडे के ही एक अन्य पत्रकार ने पूर्व प्रधानमंत्री Naftali Bennett को उलझाने की कोशिश की। उसने भी पूछा आप नेतन्याहू को ईरान के साथ युद्ध में समर्थन करते हैं।Naftali ने भी उसे टका सा जवाब दिया कि हमारे नेतन्याहू से मतभेद हैं लेकिन इजरायल की हर पार्टी और जनता किसी भी कीमत पर ईरान पर विजय देखना चाहते हैं।
ऐसा होता है विपक्ष जबकि हमारे देश में राहुल गांधी और समूचा विपक्ष हर विषय पर मोदी को गाली बकने से बाज नहीं आता।
पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी के इजरायली संसद में भाषण से पहले जब नेतन्याहू ने भाषण शुरू किया तो Yair Lapid और उनकी पार्टी के सांसद उठ कर चले गए लेकिन जैसे मोदी ने भाषण शुरू हुआ सभी सांसद वापस आ गए।हमारे मीडिया चैनल्स और ANI जैसी News Agency ने भी ढोल पीट दिया कि इज़रायल के विपक्ष ने मोदी का बहिष्कार कर दिया।
Lapid और उसकी पार्टी ने दिल से मोदी का भाषण सुना और उन्होंने कहा कि हमारा आपसे तो कोई विरोध था ही नहीं।हमने अपने स्पीकर और सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट किया था क्योंकि उन्होंने देश के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को इस सभा में नहीं बुलाया जहां आपने अपनी बात रखनी थी।भारत और इजरायल की मैत्री तो अटूट है।
भाषण समाप्त होने के बाद मोदी सभी सांसदों से मिले और सबसे पहले Lapid के साथ गर्मजोशी से गले मिले।
अमेरिकी संसद में भी जब मोदी का एक बार भाषण हुआ था, तब भी पक्ष-विपक्ष से सभी सांसद उनसे हाथ मिलाने को आतुर थे और उनमें वे भी शामिल जो मोदी के संसद में बोलने पर आपत्ति जता रहे थे।
मेरा ख्याल है राहुल गांधी और विपक्ष के सभी नेता इजरायल के विपक्ष से कभी कुछ नहीं सीख सकते।इजरायल के विपक्ष के लिए देश पहले है और भारत के विपक्ष के लिए देश की कोई कीमत नहीं है।आज हर चैनल पर विपक्षी नेता ऐसे चीख रहे हैं जैसे पागल हो गए हों खामनेई के गम में और जैसे मोदी ने ही खामनेई को मारा हो।

— संकलित