संस्मरण

संस्मरण – परीक्षा

कुछ संस्मरण सकारात्मकता के साथ ही साथ उत्प्रेरक भी होते हैं जिन्हें साझा कर हम स्वयं के साथ-साथ इसके पाठकों को भी निराशावादी विचारों से ऊपर उठाने में सहायता कर सकते हैं। जब कभी भी मेरा आत्मविश्वास डगमगाने लगता है, इस संस्मरण को पढ़ने के बाद मेरा खोया हुआ आत्मविश्वास पुनः लौट आता है। मैं आप सभी के साथ इसे साझा करना चाहूँगी।

बात उन दिनों की है जब मुझे स्नातकोत्तर की परीक्षा देनी थी। मेरा बड़ा बच्चा दो महीने का था जब मैंने गया कालेज गया में इतिहास विषय में एम ए में नामांकन कराया था। नियमित विद्यार्थी के रूप में मैंने कालेज और घर में संतुलन बनाते हुए सभी कक्षाएँ पूर्ण की। अभी कोर्स पूरा भी नहीं हुआ था कि मुझे पता चला कि मैं फिर से माँ बननेवाली हूँ। मेरा सपना टूटता हुआ नजर आया। मैंने अपनी डाॅ से बात की। उन्होंने बताया कि अब बहुत देर हो चुकी है।

तब मेरे पति ने मुझे प्रोत्साहित किया कि हम साथ मिलकर दोनों जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाएँगे। मुझे गर्भावस्था के अंतिम दो महीने पूर्ण बेडरेस्ट की हिदायत दी गई थी। पति के प्रोत्साहन पर मैं लेटे-लेटे ही लिखने का प्रयास करती रही, क्योंकि उन दिनों विषयनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर लिखने होते थे जो काफी लंबे-लंबे होते थे। मैं हर रोज चार घंटे लगातार लिखने का अभ्यास करती थी। स्नातकोत्तर की परीक्षा चार घंटे की होती थी।

मैं बहुत उत्साह से अभ्यास करती। सबकुछ ठीक ही चल रहा था, पर रोना तो तब आया, जब मेरे प्रथम-पत्र की परीक्षा की तिथि और मेरी डिलीवरी तिथि एक ही सप्ताह में पड़ गयी। मैं तो मायूस हो गयी कि अगर डिलीवरी हो भी जाती है तो मैं एक-दो दिन में परीक्षा-केंद्र कैसे जा पाऊँगी…।

मेरे पति ने हिम्मत नहीं हारी और मुझे लगातार लिखने के लिए प्रेरित करते रहे। तैयारी तो मेरी बहुत अच्छी थी ही। सारे प्रश्नों के उत्तर अच्छी तरह याद थे। 31 जुलाई को प्रथम-पत्र की परीक्षा हुई, पर मैं न जा सकी , क्योंकि हास्पिटल में एडमिट थी। बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा। प्रथम-पत्र की परीक्षा किसी कारण से रद्द हो गयी।

8 अगस्त को मेरी बच्ची ने जन्म लिया और मेरे दूसरे पेपर की परीक्षा 12 अगस्त को थी।

उस दिन मैं थर्मस में जूस फ्रूट्स आदि सामान से लैस होकर परीक्षा-केंद्र पहुँच गयी। परीक्षा देने की इतनी लगन थी कि एक बार जो मैंने लिखना शुरू किया तो फिर मुझे होश नहीं रहा। चार घंटे बाद परीक्षा समाप्ति की घंटी बजने तक मैं लिखती रही। मैं बहुत खुश थी मेरी परीक्षा बहुत अच्छी गयी थी। काॅपी देने के बाद मैंने उठने की कोशिश की। अरे! यह क्या? मेरे पैर तो हिल-डुल ही नहीं रहे थे। अब क्या करूँ? धीरे-धीरे पूरा हाॅल खाली हो गया। मुझे लेने के लिए मेरे जेठ का लड़का आया था। खाली हाॅल में मै उसे नजर नहीं आ पायी। उसे लगा मैं घर चली गयी हूँ। घर पर सबने मेरे बारे में पूछा तो बोला कि चाची तो वहाँ हैं ही नहीं। मेरे पतिदेव घबराकर परीक्षा-केंद्र पहुँचे, तब तक मेरे पैर जो सुन्न थे, कुछ ठीक हो चले थे और मैं अपनी एक सहपाठी की सहायता से धीरे-धीरे रूम से बाहर निकल आयी थी।

वह परीक्षा मेरे मानस-पटल पर इस तरह अंकित हो गयी है कि परीक्षा शब्द सुनते ही वह घटना चलचित्र की तरह आँखों के सामने आ जाती है। जब रिजल्ट आया तो मेरे प्रथम श्रेणी में पास होने की खुशी मुझसे अधिक मेरे पतिदेव को हुई।

— गीता चौबे गूँज

गीता चौबे गूँज

जन्म स्थान - बिक्रमगंज, रोहतास (बिहार) निवास स्थान - राँची, झारखंड संप्रति - बेंगलुरु, कर्नाटक शिक्षा : स्नातकोत्तर जन्मदिन - 11 अक्टूबर प्रकाशित पुस्तकें - 9 दो कविता-संग्रह : क्यारी भावनाओं की एवं 'मन-सरगम' (छांदस कविताओं का संग्रह) दो उपन्यास - 'बंद घरों के रोशनदान' - (पुरस्कृत) एवं 'लंबी होती परछाइयाँ' प्रबंध-काव्य - मौसम की अंगड़ाई (6 सर्गों में) अखिल भारतीय शब्द निष्ठा पुरस्कार में प्रथम स्थान पर पुरस्कृत साथ-ही-साथ विद्योत्तमा काव्य कुसुम सम्मान से भी सम्मानित एक गीत-संग्रह - 'कल-कल निनाद' एक लघुकथा-संग्रह - 'ख्वाहिशें' कहानी-संग्रह - इंद्रधनुषी सपने दुमदार दोहा-सतसई - बहे त्रिवेणी-धार दो लघुकथाओं पर स्टाॅप विडियो द्वारा लघु फिल्मों का निर्माण एक शाॅर्ट फिल्म ‘हैंडसम दूल्हा’ में मुख्य भूमिका का अभिनय त्रैमासिक पत्रिका आदित्य संस्कृति में गीता चौबे गूँज विशेषांक, अप्रैल-मई-जून, 2022 संपादन - 'प्रकृति की चित्रकारी' साझा काव्य-संग्रह का संपादन (अप्रकाशित) छांदसिक साझा-संकलन 'काव्य गुंजना' का संपादन तथा लघु कहानियों का संग्रह ‘आखिरी पन्ना’ का संपादन 30 से ऊपर साझा -संकलन : हिन्दी के साथ-साथ भोजपुरी में भी लघुकथा, कविता, संस्मरण, आलेख छंदबद्ध रचनाओं का लेखन लघुकथा कलश, किस्सा कोताह पत्रिका, साहित्योदय पत्रिका, चिकीर्षा पत्रिका,महिला अधिकार अभियान, अविराम साहित्यिकी, पलाश, कविता कानन, संझवत भोजपुरी पत्रिका, भोजपुरी साहित्य सरिता, भोजपुरी सिरजन पत्रिका, भोजपुरी जंक्शन, अविरल प्रवाह, शुभतारिका पत्रिका, आदित्य संस्कृति, साहित्यनामा, हिंददेश,रेशमवाणी, सरिता आदि पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन होते रहना विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में कविता, लघुकथा, आलेख, यात्रा-वृतांत आदि प्रकाशित होते रहना। हिन्दी के साथ-साथ भोजपुरी में भी कविता, कहानी, आलेख, लघुकथा, संस्मरण एवं छंद बद्ध रचनाओं का लेखन थोड़ा-बहुत रेखाचित्र बनाने का शौक अपनी दो पुस्तकों का आवरण-पृष्ठ स्वयं द्वारा चित्रित सम्मान : जिनमें से कुछ का उल्लेख - 1. किस्सा कोताह कृति-सम्मान 2021 (बंद घरों के रोशनदान) ग्वालियर में 2. अखिल भारतीय शब्द निष्ठा प्रथम पुरस्कार-2023 (मौसम की अंगड़ाई) अजमेर (राजस्थान) 3. विद्योत्तमा काव्य कुसुम सम्मान 2023 (मौसम की अंगड़ाई) नासिक (महाराष्ट्र) में 4. काव्य-गुंजना सम्पादक सम्मान, 2023 राँची (झारखंड) में 5. स्वर्ण आखर नारी रत्न सम्मान, 2023 राँची (झारखंड) में 6. प्रेरणा दुष्यंत कुमार स्मृति सम्मान, 2023 7. प्रेरणा साहित्य साधक सम्मान, 2024, बेंगलूरु 8. साहित्य अक्षत सम्मान, 2024 बेंगलूरु 9. साहित्य प्रभाश्री सम्मान, बेंगलूरु 10. हिन्दी साहित्य परिषद - सावन मनभावन सम्मान, राँची 11. राजपति देवी स्मृति सम्मान 2024, प्रयागराज 12. शोभा देवी स्मृति सम्मान 2024, चित्रकूट 13. सूर्यबाला लाल कहानी समीक्षा में प्रथम श्रेणी वर्ग में स्थान प्राप्त, अभ्युदय कर्नाटक 14. शक्ति ब्रिगेड साहित्य गंगा, कानपुर के व्यंग्य लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान 2023 15. महादेवी वर्मा शक्ति सम्मान - 2020 16.अटल काव्यांजलि - अटल गुंजन सम्मान 17.कलम बोलती है - साहित्य सितारे सम्मान 18.साहित्योदय कलम सारथी सम्मान साहित्योदय शक्ति सम्मान 2020 साहित्योदय अष्टसिद्धि सम्मान साहित्योदय साहित्योदय गौरव सम्मान 19. शक्ति ब्रिगेड - सर्वश्रेष्ठ रचनाकार पाँच बार 20. शक्ति साहित्य गंगा व्यंग्य-लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान 21. काव्य संग्रह - दोहा सम्राट 22. प्रखर गूँज - रत्नावली सम्मान 23. Innerwheel district 314clubs of jone 4 हास्य रत्न सम्मान 24. आगमन: एक खूबसूरत शुरुआत - पूरे वर्ष भर सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति करता सम्मान 25. साहित्य संवेद स्टोरी मिरर कहानी प्रतियोगिता 26. जेमिनी एकादमी - टेकचंद गुलाटी सम्मान 27. अटल काव्यांजलि - काव्य केतु सम्मान 28. कृष्ण कलम मंच-काव्य धारा सम्मान 29. नूतन साहित्य कुंज - छंद प्रतियोगिता प्रथम स्थान - कुंज कुंजेश्वरी सम्मान 30. वर्तमान अंकुर - आडियो विडियो - प्रथम स्थान ब्लॉग : मन के उद्गार कई मंचों द्वारा सम्मान एवं प्रशस्तिपत्र : choubey.geeta@gmail.com