सामाजिक

बलात्कार और जघन्य हत्या रोकने का संकल्प लेवें

बेटियों की सुरक्षा करने हेतु बलात्कार ,हत्या रोकने का संकल्प लेना आवश्यक है| |बलात्कार की खबरे समाचार पत्रों में पढ़ने को मिलती है| इसे पूर्णतया यानि 100 प्रतिशत रोकने हेतु समाज को संकल्प लेना होगा | इस बात को गहराई से सोचे कुल को बढ़ाने वाली,रिश्तों के मजबूत बंधन को बांधने वाली,बहन,माता,पत्नी आखिर किसी की भी बेटियाँ तो होती है |बेटी का बलात्कार और जघन्य हत्या क्यों करने लगा है | हत्या करने की जो मानसिकता विकसित हो रही है वो इंसान कि इंसानियत नहीं बल्कि शैतानियत को दर्शाता है | |बेटियाँ तो ओंस सी कोमल होती है,बेटियाँ हँसती तो मोती झरते है,बेटियाँ विदाई होने पर रोतीं है तो हर इंसान की आँखे रोतीं है |भावनाओ और ममत्व से जुड़ा होता है बेटियों का प्रेम |बेटियों के बिना त्यौहार भी सूने लगते है ,भाइयों कि कलाइयाँ भी सूनी होती है,श्रृंगार रस कि कल्पनाएं भी कोसो दूर रहती है |सच भी तो है| हमारे जीवन की साँस और आस होती है बेटिया |बलात्कार और जघन्य हत्या को रोकने का संकल्प लेवे |तभी भयमुक्त रह सकेगी बेटियां |

— संजय वर्मा ‘दृष्टी’

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच

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