नन्हे हाथ
१
नन्हे-नन्हे हाथ में,
सपनों की मुस्कान।
भोले मन की सादगी,
सबकी है पहचान॥
२
ॐ लिखा है हाथ पर,
मन में सच्चा प्यार।
सबका आदर सीखता,
यही बड़ा संस्कार॥
३
खेल-खेल में सीखता,
जीवन की हर बात।
सच की राहों पर चले,
लेकर सबका साथ॥
४
माँ का प्यारा लाल है,
पापा की पहचान।
घर-आँगन महका रहे,
ज्यों मधुर विहान॥
५
हँसना, गाना, खेलना,
बचपन की पहचान।
निर्मल मन की रोशनी,
सबसे बड़ी है शान॥
६
पढ़-लिखकर आगे बढ़े,
ऊँचा करे नाम।
भारत माँ का लाल बन,
रोशन करे धाम॥
— डॉ. सत्यवान सौरभ
