गीत/नवगीत

कुछ बंधन से मुक्त हो, अपने मन को देख

हर चीज़ें रखना नहीं, होता सदा विवेक।
कुछ बंधन से मुक्त हो, अपने मन को देख॥

कुछ रिश्ते पीड़ा बने, कुछ देते अवसाद।
जिनसे मन घायल रहे, क्यों ढोए वो याद॥
जिससे मन हो टूटता, क्यों रखना वह साथ।
बीती बातें छोड़कर, थामो अपना हाथ॥
मुक्त हृदय जब हो सके, जीवन हो अभिषेक।
कुछ बंधन से मुक्त हो, अपने मन को देख॥

कुछ उम्मीदें बोझ हैं, कुछ सपनों की पीर।
जिनके पीछे खो गई, मन की सारी धीर॥
व्यर्थ प्रतीक्षा छोड़कर, चुन लो नई राह।
सूनी राहों के परे, खिलती है नव चाह॥
जिससे शांति मिल सके, खींचो ऐसी रेख।
कुछ बंधन से मुक्त हो, अपने मन को देख॥

कुछ दुख ऐसे भी मिले, जिनका नहीं निदान।
बार-बार जो तोड़ते, उन पर मत दो ध्यान॥
बीते कल का बोझ क्यों, ढोना जीवन भार।
पीड़ा अब खुलकर बहे, खुलने दो मन द्वार॥
घावों को सहला सके, ऐसा लिख दो लेख।
कुछ बंधन से मुक्त हो, अपने मन को देख॥

हर खोना नुकसान नहीं, हर पाना सुखदाय।
कुछ चीज़ें छूटें तभी, जीवन आगे जाय॥
जिसको थामे टूटते, उसको कहे विराम।
छोड़ देना भी कभी, होता हित का काम॥
नई दिशा में चल पड़े, मन का दीपक देख।
कुछ बंधन से मुक्त हो, अपने मन को देख॥

स्वयं बचाना भी कहा, जीवन का है धर्म।
मन की शांति से बड़ा, क्या जग में है कर्म॥
जिससे जीवन बोझ हो, उससे रहना दूर।
मुक्त हृदय से जी सको, जीवन हो भरपूर॥
अपनी राह स्वयं चुनो, यही विजय है नेक।
कुछ बंधन से मुक्त हो, अपने मन को देख॥

— डॉ. सत्यवान सौरभ

*डॉ. सत्यवान सौरभ

✍ सत्यवान सौरभ, जन्म वर्ष- 1989 सम्प्रति: वेटरनरी इंस्पेक्टर, हरियाणा सरकार ईमेल: satywanverma333@gmail.com सम्पर्क: परी वाटिका, कौशल्या भवन , बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045 मोबाइल :9466526148,01255281381 *अंग्रेजी एवं हिंदी दोनों भाषाओँ में समान्तर लेखन....जन्म वर्ष- 1989 प्रकाशित पुस्तकें: यादें 2005 काव्य संग्रह ( मात्र 16 साल की उम्र में कक्षा 11th में पढ़ते हुए लिखा ), तितली है खामोश दोहा संग्रह प्रकाशनाधीन प्रकाशन- देश-विदेश की एक हज़ार से ज्यादा पत्र-पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशन ! प्रसारण: आकाशवाणी हिसार, रोहतक एवं कुरुक्षेत्र से , दूरदर्शन हिसार, चंडीगढ़ एवं जनता टीवी हरियाणा से समय-समय पर संपादन: प्रयास पाक्षिक सम्मान/ अवार्ड: 1 सर्वश्रेष्ठ निबंध लेखन पुरस्कार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी 2004 2 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड काव्य प्रतियोगिता प्रोत्साहन पुरस्कार 2005 3 अखिल भारतीय प्रजापति सभा पुरस्कार नागौर राजस्थान 2006 4 प्रेरणा पुरस्कार हिसार हरियाणा 2006 5 साहित्य साधक इलाहाबाद उत्तर प्रदेश 2007 6 राष्ट्र भाषा रत्न कप्तानगंज उत्तरप्रदेश 2008 7 अखिल भारतीय साहित्य परिषद पुरस्कार भिवानी हरियाणा 2015 8 आईपीएस मनुमुक्त मानव पुरस्कार 2019 9 इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ रिसर्च एंड रिव्यु में शोध आलेख प्रकाशित, डॉ कुसुम जैन ने सौरभ के लिखे ग्राम्य संस्कृति के आलेखों को बनाया आधार 2020 10 पिछले 20 सालों से सामाजिक कार्यों और जागरूकता से जुडी कई संस्थाओं और संगठनों में अलग-अलग पदों पर सेवा रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवर्सिटी, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, (मो.) 9466526148 (वार्ता) (मो.) 7015375570 (वार्ता+वाट्स एप) 333,Pari Vatika, Kaushalya Bhawan, Barwa, Hisar-Bhiwani (Haryana)-127045 Contact- 9466526148, 01255281381 facebook - https://www.facebook.com/saty.verma333 twitter- https://twitter.com/SatyawanSaurabh